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वर्षा ऋतु में संचालित होने योग्य मनरेगा कार्यों को प्राथमिकता वर्षा ऋतु में संचालित होने योग्य मनरेगा कार्यों को प्राथमिकता

kamrun nisha


वर्षा ऋतु में संचालित होने योग्य मनरेगा कार्यों को प्राथमिकता

वर्षा ऋतु में संचालित होने योग्य मनरेगा कार्यों को प्राथमिकता

कोरिया, जून 2025। जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत वर्षा ऋतु के दौरान जरूरतमंद परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु जिला पंचायत ने कार्ययोजना तेज कर दी है। इस क्रम में ऐसे कार्य चयनित किए जा रहे हैं जो वर्षा काल में भी संचालित हो सकें, ताकि श्रमिकों को सतत रोजगार मिलता रहे।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जिले के बैकुण्ठपुर एवं सोनहत जनपद पंचायतों व कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विगत वर्षों के अधूरे पक्के कार्य, जिन्हें वर्षा काल में पूर्ण किया जाना संभव है, उन्हें प्राथमिकता देते हुए शीघ्रता से पूर्ण कराया जाए। दूसरी ओर, मिट्टी से संबंधित ऐसे कार्य, जिनका वर्षा काल में सटीक मापन संभव नहीं होता, उन्हें किसी भी स्थिति में संचालित न करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

सभी तकनीकी अमले को निर्देशित किया गया है कि प्रगतिरत अथवा हाल ही में पूर्ण हुए मिट्टी कार्यों का मूल्यांकन एवं सत्यापन, वर्षा प्रारंभ होने से पूर्व अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही, प्रत्येक कार्य की फोटोग्राफी भी सुनिश्चित की जाए, जिससे कार्यों की पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वर्षा ऋतु में महात्मा गांधी नरेगा के प्रावधानों के अनुसार कार्यों की तकनीकी उपयुक्तता को ध्यान में रखते हुए ही उन्हें मंजूरी दी जाए। साथ ही मनरेगा के महत्वपूर्ण संकेतकों जैसे मजदूरी भुगतान समय-सीमा, मानव दिवस सृजन, कार्यस्थल प्रबंधन आदि पर नियमित रूप से समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं तकनीकी कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि वे वर्षा ऋतु के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), नवीन पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन, खाद्यान्न भंडारण भवन, बकरी, मुर्गी, पशु, सुअर शेड निर्माण, नाडेप कम्पोस्ट संरचना, वर्मी कम्पोस्ट संरचना का निर्माण, श्मशान घाट निर्माण के अलावा नर्सरी तैयार एवं ब्लॉक, सड़क किनारे एवं तटीय किनारे, बंजर भूमि के किनारे आदि पर वृक्षारोपण किया जाएगा। वर्षा काल में भी मनरेगा के माध्यम से जरूरतमंद श्रमिकों को राहत मिल सके और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।

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