विषय: पुलिस लाइन बैकुंठपुर में पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों हेतु तनाव प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन

kamrun nisha
विषय: पुलिस लाइन बैकुंठपुर में पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों हेतु तनाव प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन
आज दिनांक 17-04-2026 को पुलिस लाइन, बैकुंठपुर में पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए तनाव प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक श्रीमान रवि कुर्रे द्वारा की गई। मुख्य अतिथि के रूप में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. आभा शशि कुमार उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संपूर्ण आयोजन एवं संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. सुरेशा चौबे द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:
- उद्देश्य: पुलिस बल को शारीरिक के साथ-साथ मानसिक रूप से भी सुदृढ़ बनाना, जिससे वे अपने दायित्वों का निर्वहन और अधिक कुशलतापूर्वक कर सकें।
- विशेषज्ञ सत्र: डॉ. आभा शशि कुमार ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से जवानों को तनाव मुक्त रहने के उपाय बताए, उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान सुझाए।
- वन-टू-वन परामर्श: साइकोलॉजिस्ट डॉ. सोमा नायर ने व्यक्तिगत वार्तालाप के माध्यम से अधिकारियों/कर्मचारियों की मनोस्थिति, भावनाओं एवं परेशानियों को समझकर समाधान हेतु प्रयास किया।
- काउंसलिंग सत्र: डॉ. ज्योति शर्मा एवं कामनी तिवारी मैडम द्वारा जवानों की काउंसलिंग की गई तथा पारिवारिक एवं कार्यस्थल संबंधी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा कर समाधान के मार्ग बताए गए।

उपस्थित गणमान्य:
कार्यक्रम में कोरिया जिले की पुलिस काउंसलर वित्त बाला श्रीवास्तव, कल्पना शर्मा, कविता मंडल एवं अधिवक्ता सिंह भी उपस्थित रहे। बाल अधिकारी के रूप में पांडे जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यशाला में तनाव प्रबंधन की विधियों एवं तनाव दूर करने के उपायों पर सार्थक परिचर्चा की गई।
सम्मान समारोह: कार्यक्रम के अंत में सभी आमंत्रित अतिथि विशेषज्ञों को पुष्पगुच्छ, शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं पुलिस लाइन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकार कमरून निशा ब्यूरो चीफ चैनल इंडिया कोरिया अधिकारियों/कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
पुलिस प्रशासन द्वारा यह सहमति व्यक्त की गई कि भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा, जिससे पुलिस बल तनावमुक्त होकर अपने कर्तव्यों का बेहतर निर्वहन कर सके। इससे पुलिस और समाज के बीच समन्वय बना रहेगा तथा लॉ एंड ऑर्डर एवं अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

