सहकारी समिति कर्मचारी संघ 1/8 2022 से पांच दिवसीय हड़ताल पर।
kamrun nisha

छत्तीसगढ़ जिला कोरिया बैकुंठपुर ,,सहकारी समिति कर्मचारी संघ 1/8 2022 से पांच दिवसीय हड़ताल पर
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कर्मचारी संघ के संभागीय अध्यक्ष प्रभाकर सिंह ने बताया कि 1/8/2022 सरगुजा संभाग के समस्त समितियों में पूर्ण रूप से 5 दिवस तक तालाबंदी रहेगी अम्बिकापुर में संभाग स्तरीय समस्त समिति में कार्यरत कर्मचारियों का बैठक रखा गया था जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कर्मचारियों ने अपनी 2 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल जाने बावत् संभाग आयुक्त के नाम सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है…आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के कर्मचारियों ने वर्तमान प्रदेश सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है..उनका कहना है इतना अल्प वेतन में इस महंगाई के दौर में कार्य करते हैं हमारे द्वारा ईमानदारी और निष्ठा पूर्वक हर कार्य को शासन की मंशा अनुसार पूर्ण किया जाता है जिससे छत्तीसगढ़ सरकार को सहकारिता के क्षेत्र में अनेक राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं पर हमारी इस दयनीय स्थिति को प्रशासन शासन समझना नहीं चाहती है कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में सहकारी समिति के कर्मचारियों को नियमितीकरण और समान काम, समान वेतन की घोषणा की थी लेकिन विगत साढ़े तीन साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया है.. जिससे नाराज संभाग के सहकारी समिति के कर्मचारी 1 अगस्त से 5 अगस्त तक पांच दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे… वही उन्होंने ने मांगे पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है… आपको बता दें कि सहकारी समिति के कर्मचारियों की हड़ताल में जाने से किसानों की परेशानियां बढ़ जाएगी.. किसानों को सहकारी समिति से मिलने वाले खाद बीज और नगदी चेक भुगतान जैसे दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा… ज्ञापन देने में मुख्य रूप से सरगुजा जिला अध्यक्ष शेख हिदायतुल्लाह संभागीय सचिव ज्ञान गुप्ता दिलीप यादव नासिर मोहम्मद चंद्र प्रताप सिंह समसुद्दीन अंसारी महबूब हैदर सीताराम राजवाड़े मोहम्मद मुस्लिम नरेंद्र तिवारी सत्यम गुप्ता अनूप गुप्ता विनोद जयसवाल मोहम्मद हसन भोलाराम रवि शंकर ठाकुर सिंह निकेश ठाकुर घनश्याम देव कुमार पुरुषोत्तम गुप्ता रमेश कुमार ठाकुर प्रताप सिंह रूदन प्रसाद सुरेश सिंह रामभरोस विजय प्रताप मुन्नालाल हीरीना अनित कश्यप जनक दास
माननीय सरगुजा कमिश्नर अंबिकापुर
माननीय संयुक्त पंजीयक अंबिकापुर
को ज्ञापन देने में मुख रूप से उपस्थित रहे

