नारी शक्ति वंदन अधिनियम का स्वागत, महिला जनप्रतिनिधियों ने बताया ऐतिहासिक कदम महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से साकार होगा विकसित भारत का सपना

kamrun nisha

नारी शक्ति वंदन अधिनियम का स्वागत, महिला जनप्रतिनिधियों ने बताया ऐतिहासिक कदम

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से साकार होगा विकसित भारत का सपना

कोरिया जिला, अप्रैल 2026/ नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माने जा रहे नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) को लेकर जिले की महिला जनप्रतिनिधियों ने खुशी जताई है। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर बताया।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती वन्दना राजवाड़े ने कहा कि नारी शक्ति वंदन विधेयक निश्चित ही देश की करोड़ो महिलाओं के लिए काफी लाभकारी साबित होगा, उन्होंने कहा आज देश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी चमक व धमक बनाने में सफल हुई है।

जिला पंचायत सदस्य श्रीमती गीता राजवाड़े ने कहा कि यह दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। उनके अनुसार, यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के प्रति सम्मान, विश्वास और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का ऐतिहासिक संकल्प है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव ‘शक्ति’ का रूप माना गया है, लेकिन संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही है। यह कानून उस असंतुलन को दूर करेगा और महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में सशक्त भूमिका देगा।

जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सौभाग्यवती कुसरो ने कहा कि यह दशकों पुरानी मांग थी, जो अब साकार होने जा रही है। इस अधिनियम से महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और देश को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं सीधे नीति निर्माण में शामिल होंगी, तो निर्णय अधिक समावेशी, संवेदनशील और दूरदर्शी होंगे। यह केवल महिलाओं के सशक्तिकरण का विषय नहीं, बल्कि एक मजबूत और संतुलित ‘नए भारत’ की नींव है।

उन्होंने आगे कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन’ का अर्थ केवल सम्मान नहीं, बल्कि अधिकार देना है। अब अधिक महिलाएं संसद और विधानसभाओं तक पहुंचेंगी, जो अपने अधिकारों और समाज के मुद्दों पर मजबूती से आवाज उठाएंगी।

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