छत्तीसगढ़ सहित देश के पांच राज्यों में विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान

kamrun nisha

छत्तीसगढ़ सहित देश के पांच राज्यों में विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान


उनमें ओडिशा, छत्तीसगढ़, राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश शामिल
आयोग ने सभी मतदान केंद्रों पर होने वाले उपचुनाव में ईवीएम और वीवीपैट का इस्तेमाल करने का फैसला किया है. ईवीएम और वीवीपैट की पर्याप्त संख्या उपलब्ध करा दी गई है और इन मशीनों की मदद से मतदान सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी कदम उठाए गए हैं.

भारतीय चुनाव आयोग ने देश के पांच राज्यों की 5 विधानसभा सीटों सहित एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान कर दिया है. आयोग ने जिन राज्यों के विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव की घोषणा की है, उनमें ओडिशा, छत्तीसगढ़, राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश शामिल हैं. इन पांचों राज्यों की 5 विधानसभा सीटों और उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभा सीट पर उपचुनाव 5 दिसंबर को होंगे. आयोग ने कहा कि इन संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों में रिक्तियों को भरने के लिए जल्द से जल्द चुनाव कराए जाने की जरूरत है.

EC ने बताया कि उत्तर प्रदेश की रामपुर, ओडिशा की पदमपुर, बिहार की कुरहनी और राजस्थान की सरदारशहर और छत्तीसगढ़ की भानुप्रतापपुर (ST आरक्षित सीट) विधानसभा सीटों और यूपी की मैनपुरी लोकसभा सीट पर उपचुनाव होंगे. इन सीटों के लिए अधिसूचना 10 नवंबर को जारी होगी. नामांकन की आखिरी तारीख 17 नवंबर होगी. जबकि नामांकनों की जांच की तारीख 18 नवंबर और उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तारीख 21 नवंबर होगी. उपचुनाव के लिए इलेक्शन 5 दिसंबर को निर्धारित हैं. वोटो की गिनती 8 दिसंबर को होगी.

ईवीएम और वीवीपैट
आयोग ने सभी मतदान केंद्रों पर होने वाले उपचुनाव में ईवीएम और वीवीपैट का इस्तेमाल करने का फैसला किया है. ईवीएम और वीवीपैट पर्याप्त संख्या में उपलब्ध करा दिए गए हैं और इन मशीनों की मदद से मतदान सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं. वहीं, वोटर्स के लिए वोटर आईडी कार्ड एक जरूरी दस्तावेज होगा. इसी के आधार पर वोटर्स वोट डाल सकेंगे. इसके अलावा, वे पैन कार्ड, आधार कार्ड, फोटो के साथ पासबुक, मनरेगा जॉब कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, फोटो के साथ सर्विस आईडी कार्ड, फोटो के साथ पैंशन कार्ड, UDID कार्ड का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले उम्मीदवार
वहीं, क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले उम्मीदवारों को प्रचार के दौरान तीन मौकों पर न्यूजपेपर और टेलीविजन चैनलों के जरिए अपने बारे में जानकारी पब्लिश करने की जरूरत होती है. अगर कोई राजनीतिक दल क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले उम्मीदवारों को टिकट देता है, तो उसे भी अपने उम्मीदवारों की क्रिमिनल बैकग्राउंड के बारे में जानकारी को तीन मौकों पर न्यूजपेपर और टेलीविजन चैनलों पर पब्लिश करानी होती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.