छत्तीसगढ़

गौठान हुए सुनसान धरातल पर दम तोड़ते जिला एम सी बी के नरूआ, गरूआ, घरूआ मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना जमीनी स्तर पर जीरो।

गेट की खूबसूरती या भ्रष्टाचार बोले धरातल स्तर पर एमसीबी जिले के जिला प्रशासन कितना एक्टिव है यह तो गौठान हीं बता रहा।

संवाददाता -जिशान अख्तर
लोकेशन -केल्हारी
दिनांक 7.4.2023
-गौ- गौठान हुआ सुनसान
-मुख्यमंत्री भूपेष बघेल की महत्वाकांक्षी योजना नरूआ घरुआ गरूआ, गौठान धरातल पर कितना कारगर आइए जानते हैं पूरी खबर।

सुनसपाटा


मुख्यमंत्री भूपेष बघेल की महत्वाकांक्षी योजना गौठान नरूआ गरूआ घरूआ की जब नींव रखी गई तो लगा मवेशियों के संरक्षण का सार्थक विकल्प मिला एवं ग्रामीणों को स्वरोजगार किंतु धरातल पर देखा जाए तो न कहीं मवेशियों का संरक्षण किया जा रहा न ही कहीं गौठानो की कोई देखरेख करने वाला है ऐसे में महज सूखे गोबर ही देखने को मिल रहे हैं

करोड़ों खर्च कर के शासन के पैसे को इस तरीके बर्बाद किया जाता है जिला प्रशासन की नजर नहीं गई ।

ग्राम पंचायत का इसमें क्या दायित्व है गौठानो की देखभाल करने वाले कहां हैं। लाखों करोड़ों खर्च कर बनाए गए ऐसे गौठानो की बदहाल स्थिति पर शासन प्रशासन की नजर क्यों नहीं जाती है क्या महज इनको बनाकर छोड़ देना ही उद्देश्य है।

या फिर इन्हें सक्रिय रखकर उन आयामों को पूरा करना है जिसके लिए इन्हें बनाया गया है ग्राम पंचायत डोंड़की जिला एम सी बी के गौठान में न मुख्य गेट है न ही बोर में मोटर , मवेशियों की तो बात ही न की जाए रास्तों में खेतों में भटकते कितने ही मवेशी मिलेंगे मगर गौठानो में एक भी नहीं ऐसे ही कई गौठान हैं।

ग्राम पंचायत घाघरा, ग्राम पंचायत तिलोखन और भी अनेक जो अपनी दुर्दशा बयां कर रहे हैं अगर समय रहते शासन प्रशासन इन पर नज़र नहीं डालती ये कहना बिल्कुल ग़लत नहीं होगा कि सिर्फ किताबों में मेन्टनेन्स होता रहेगा।


-आपको बता दें कि शासन प्रशासन मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर कितना सम्रृद्ध कर पाती है।ये शासन प्रशासन ही जाने।
-गौठान हुए सुनसान धरातल पर दम तोड़ते जिला एम सी बी के नरूआ, गरूआ, घरूआ मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना।

एमसीबी जिला के विधायक का क्षेत्र का यह हाल तो सोचो दूरदराज का क्या होगा इनके खुदकी मुख्यमंत्री का योजना है कितना सफल है यह आप देख सकते हैं क्षेत्रों में बताने की जरूरत नहीं है। धरातल पर जीरो योजनाएं दम तोड़ते हुए दिखाई दे रहा योजनाएं है असफल ।

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