पालघर कांड में 2 सन्तो की हत्या सहित 3 कई हत्या मामले में भाजपा नेता संजय अग्रवाल ने कहा है कि यह घटना धर्मगुरुओं को निशाना बनाए जाने की गहरी साजिश का हिस्सा नजर आ रही है।

खबर आईना न्यूज़ ने भाजपा नेता संजय अग्रवाल जी से बात की तो उन्होंने बताया की इसकी जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के संत कल्पवृक्ष गिरि, सुशील गिरि उत्कृष्ट कोटि के संत थे। उन्हें जिस तरह से पुलिस की मौजूदगी में पीट-पीट कर मौत के घाट उतारा गया, वह अमानवीय व क्रूरता की इंतहा है। यह घटना महाराष्ट्र पुलिस की विफलता का आइना है। ऐसे में इसकी जांच स्थानीय एजेंसी से कराए जाने का कोई तुक नहीं है। इनके अलाव संजय ने दोषियों को फांसी देने की मांग की है।
क्या था मामला
जूना अखाड़े के दो साधु महंत सुशील गिरी महाराज( 35 ), महंत चिकने महाराज कल्पवृक्ष गिरी(65) अपने ड्राइवर निलेश तेलगडे(30 ) के साथ मुंबई से गुजरात के सूरत में अपने साथी के अंतिम संस्कार के लिए जा रहे थे। तभी पालघर के एक गांव में गांव वालों ने इन्हें डकैत समझ कर पीट-पीटकर मार डाला। ये तीनों मुंबई के कांदिवली इलाके से मारुति ईको कार में सवार होकर सूरत निकले, जहां उनके साथी की मौत हो गई थी। दोनो साधुओं को ही उनका अंतिम संस्कार करना था। जब इनकी गाड़ी महाराष्ट्र-गुजरात बॉर्डर पर पहुंची तो पुलिस ने उन्हें रोक कर वापस भेज दिया। इसके बाद तीनों ने अंदरूनी जंगल वाले रास्ते से होकर आगे बढ़ना तय किया।
इस बीच पालघर जिले के कई गांवों में अफवाह फैल गई कि लॉकडाउन का फायदा उठाकर अपराधी तत्व बैखौफ होकर चोरी डकैती को अंजाम दे रहे हैं। लोगों का अपहरण कर उनकी किडनी निकाल रहे हैं। इस अफवाह के चलते गांव वालों ने बिना कुछ सोचे समझे इनकी गाड़ी देख इन पर हमला कर दिया और गाड़ी को पलट दिया।
पुलिस को इस घटना की सूचना दी गई। पुलिस ने वहां पहुंचकर इन तीनों को अपनी गाड़ी में बैठाया लेकिन गांव वालों की भारी भीड़ के सामने पुलिसकर्मियों की संख्या काफी कम थी, इसलिए तीनों घायलों को छोड़कर पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने इन्हें पीट-पीटकर मार डाला।

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