छत्तीसगढ़ में सीमेंट के बढ़े दामों को लेकर कांग्रेस का प्रेसवार्ता, 12 सितम्बर को महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन

kamrun nisha

छत्तीसगढ़ में सीमेंट के बढ़े दामों को लेकर कांग्रेस का प्रेसवार्ता, 12 सितम्बर को महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन

भाजपा सरकार आगामी चुनाओं के लिए आम-जनता से लूटकर इकट्ठे कर रहीं चंदा : प्रदीप गुप्ता

बैकुंठपुर कोरिया। 11 सितंबर को जिला कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में पत्रकार बंधुओ के साथ प्रेसवार्ता आयोजित थी, पत्रकारों से बातचीत में कहा की बढ़ती मंहगाई के कारण आम जनता त्रस्त हैं, वही भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ में सिमेंटो के दामों में 50 रुपए प्रतिबोरा के दर से अतिरिक्त वृद्धि किया हैं जिसके विरोध में 12 सितंबर 2024 गुरुवार को जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में कांग्रेस महंगाई के विरोध में धरना देगी। और कांग्रेस पार्टी भापजा सरकार का विरोध जताते हुए मांग करेगी कि सीमेंट पर 50 रूपए प्रति बोरी की भारी भरकम मूल्य वृद्धि वापस ले, और सीमेंट को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कमोडिटी की तय सूची में शामिल करें।

जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने कहा कि एक तरफ सरकार दावा करती है कि लाखो लोगों को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए हैं वहीं दूसरी तरफ लोगों को लूटने का काम कर रही है प्रदेश में सीमेंट बनाने के लिए रो मटेरियल की कमी नहीं। भाजपा सरकार में आम जनता को लूटने की खुली छूट हैं। विष्णुभोग के लिए वसूला जा रहा है 50 रुपया प्रति बोरा सीमेंट पर अतिरिक्त दाम। अचानक 260 से बढ़ाकर 310 रूपए प्रति बोरा कर दिया गया है।  सीमेंट की कीमत में अचानक एक चोथाई की भारी भरकम वृद्धि भाजपा सरकार के कमीशनखोरी और मुनाफाखोरी का प्रमाण है। सीमेंट उत्पादन के लिए तमाम कच्चा माल, लाइमस्टोन हमारा, कोयला हमारा, जमीन हमारी, बिजली हमारी और हमें ही महंगे दामों पर सीमेंट खरीदने के लिए मजबूर कर रही है भाजपा सरकार। छत्तीसगढ़ सीमेंट का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है, यहां हर माह लगभग 30 लाख टन से अधिक सीमेंट का उत्पादन होता है, पहले केंद्र की मोदी सरकार 28 प्रतिशत का भारी भरकम जीएसटी लगाया और अब साथ सरकार के सरंक्षण में कीमतों में अचानक बढ़ोत्तरी जनता के साथ अन्याय है।  हर सर पर छत का वादा करके सरकार में आयी भारतीय जनता पार्टी के शासन में भवन निर्माण की सामग्रीयों में लगातार बेतहाशा वृद्धि हो रही है। रेत के दाम पिछले 9 महीने में चार गुना बढ़ गए, स्टील की कीमते दुगना हो गई है और अब सीमेंट के दाम में 50 रूपए प्रति बोरी की वृद्धि से गरीबों और मध्यमवर्गीय परिवारों के अपने घर के सपनों पर करारी चोट है। पीएम आवास योजना पर भी विपरीत असर पड़ेगा। देश और प्रदेश के विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्माण में सीमेंट एक अहम घटक है. सीमेंट के दाम में वृद्धि से न केवल निजी बल्कि सरकारी प्रोजेक्ट में भी निर्माण लागत बढ़ जाएगी, पुल पुलिया, बांध, सीसी रोड, भवन निर्माण कार्य प्रभावित होंगे, रियल एस्टेट सेक्टर में भी नकारात्मक प्रभाव निश्चित है।  रोजगार पैदा करने में कृषि के बाद रियलस्टेट दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है, सीमेंट की कीमत में अचानक वृद्धि से रियल एस्टेट व्यवसाय की कमर टूट जाएगी, लाखों की संख्या में लोग बेरोजगार हो जायेंगे।  पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय सीमेंट, स्टील, रेत के दाम नियंत्रित थे, अब भाजपा सरकार के अनुचित सरंक्षण में सीमेंट कंपनियां निरंकुश हो चुकी है, जनता को लुटने का कोई अवसर डबल इंजिन की सरकार नहीं छोड़ रही है। क्रूड ऑयल इंटरनेशनल मार्केट में आज 2014 की तुलना में लगभग आधा है. फिर भी डीजल और पेट्रोल के दाम दुगुना वसूला जा रहा है. भूखंडों के रजिस्ट्री में 30 प्रतिशत की छूट प्रदेश की भाजपा सरकार ने खत्म कर दिया है, बिजली का बिल दुगुना आने लगा है और अब सीमेंट की कीमते बढ़ाकर चारों तरफ से महंगाई की मार जनता पर पड़ रही है।

प्रेसवार्ता के अवसर पर : जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता,वरिष्ठ कांग्रेसी मुख्तार अहमद,महामंत्री बृजवासी तिवारी,ब्लॉक अध्यक्ष अजय सिंह,चंद्रप्रकाश राजवाड़े,गणेश राजवाड़े, बिहारी राजवाड़े, अमित पांडे एवम अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।

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