जिले के 21 धान खरीदी केंद्रों के लिए सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त17 प्रतिशत से अधिक नमी वाले धान की नहीं होगी खरीदी
kamrun nisha
जिले के 21 धान खरीदी केंद्रों के लिए सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त
धान खरीदी में सुगमता और पारदर्शिता के लिए 23 बिंदुओं पर कार्य सुनिश्चित
17 प्रतिशत से अधिक नमी वाले धान की नहीं होगी खरीदी
कोरिया, नवम्बर 2024/ जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशानुसार 21 धान खरीदी केंद्रों पर सहायक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इन अधिकारियों का मुख्य कार्य समर्थन मूल्य पर पंजीकृत किसानों से धान की खरीदी की निगरानी और केंद्रों पर पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
जिले के सभी 21 धान खरीदी केंद्रों में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। छिंदडाँड़-श्री शारदुल विक्रम गुप्ता, धौराटिकुरा-श्री अलोइस खलखो, जामपारा-श्रीमती पुष्पा सिंह ठाकुर, पटना-श्री एम.के. माईकल, गिरजापुर-श्री ठाकुर प्रसाद पावले, सरभोका- कु.सीमा दोहरे, तरगंवा कु. रीता लकड़ा, झरनापारा- श्री ईरबल सिंह पैकरा, सलबा-श्री त्रिभुवन सिंह परस्ते, छिन्दिया- श्रीमती धातरी सिंह, कटगोडी-श्री सुरेश कुमार आर्या, रजौली-श्री दीपक कुमार साहू, सोनहत- श्री राजेन्द्र लाल मिंज, रामगढ़-श्री सुखीराम लकड़ा, अकलासरई- श्री रामजीत राम ध्रुवे, चिरमी-श्री पुष्पक पटेल, बंजारीडाँड़- कु. मोनिका मराबी, पोड़ी-श्री दीपक गुप्ता, जिल्दा-श्रीमती अरुन्धती राज, बडेकलुआ- श्री लक्ष्मण सिंह एवं बैमा धान खरीदी केन्द्र के लिए श्री आशीष कुमार मिंज को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
सहायक नोडल अधिकारी प्रत्येक केंद्र पर धान की खरीद प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं पर ध्यान देंगे, जिसमें बारदाने की गुणवत्ता, धान की तौल, टोकन व्यवस्था और किसानों से सीधी खरीदी जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि खरीदी केंद्रों पर सभी आवश्यक संसाधन जैसे कांटा-बांट, बैनर और धान नमूना प्रदर्शन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, धान में नमी की जांच और 17 प्रतिशत से अधिक नमी वाले धान की खरीदी पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष धान खरीदी केंद्रों पर सुचारू संचालन के लिए 14 नवंबर से पहले 35 बिंदुओं पर पूरी जानकारी एकत्र कर ली जाएगी, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

