कोरिया 8अगस्त 2025 / आज पालक शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के सभी शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक, अभिभावक और छात्र शामिल हुए।
kamrun nisha
कोरिया अगस्त 2025 / आज पालक शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के सभी शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक, अभिभावक और छात्र शामिल हुए।
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, श्रीमती चंदन त्रिपाठी, कलेक्टर कोरिया, और डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, के मार्गदर्शन में इस सम्मेलन का आयोजन किया गया। कलेक्टर ने बैकुन्ठपुर की शासकीय माध्यमिक शाला में आयोजित बैठक में भाग लिया और अभिभावकों एवं छात्रों के साथ संवाद किए।
उन्होंने बच्चों के शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संबंधित पर चर्चा की तथा होमवर्क व वर्कबुक अभ्यास को अनिवार्य बनाने की सलाह दी। इसके अतिरिक्त, मोबाइल एवं नशे जैसी बुरी आदतों से बच्चों को दूर रखने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल दिया। बैठक में पालकों ने शिक्षण में सुधार के सुझाव दिए और माँ के नाम अभियान, आवा पानी झोंकी, 5 प्रतिशत मॉडल, एवं ‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान’ जैसी योजनाओं पर विमर्श हुआ।
कलेक्टर ने बच्चों के अध्ययन के लिए घर में ‘मेरा कोना स्टडी कॉर्नर’ बनाने, प्रगति रिपोर्ट मॉनिटरिंग, मंच में बोलने का आत्मविश्वास बढ़ाने और नेतृत्व क्षमताओं का विकास करने के टिप्स साझा किए। उन्होंने शाला परिसर का निरीक्षण भी किया और समयबद्ध संचालन हेतु निर्देश दिए। वहीं, शासकीय हाई स्कूल मुरमा में जिला शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र कुमार गुप्ता ने बोर्ड परीक्षा, मध्यान्ह भोजन, योग एवं स्वस्थ शरीर के महत्व पर प्रकाश डाला। जिलेभर के विद्यालयों में आयोजित बैठक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और न्यौता भोज का भी आयोजन हुआ।
इस दौरान, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक, मानसिक, सामाजिक और नैतिक विकास से जुड़े मुद्दों पर संवाद हुआ। विशेष रूप से, घर में अध्ययन के अनुकूल वातावरण बनाने, निरंतर सीखने, मंच में बोलने का मौका देने, तनाव प्रबंधन, बालिकाओं की सुरक्षा, नैतिक शिक्षा, सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और डिजिटल शिक्षण प्लेटफार्मों के उपयोग पर चर्चा की गई। बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु रचनात्मक गतिविधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेलकूद का भी आयोजन किया गया। यह सम्मेलन शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सामाजिक और मानसिक विकास को भी सुनिश्चित करने का प्रयास रहा।

