तहसील कार्यालय में कलेक्टर का औचक निरीक्षण, लंबित प्रकरणों पर जताई सख्ती रिकॉर्ड अद्यतन नहीं मिलने पर कर्मी को फटकार, 10 दिन में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश; राजस्व मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश
kamrun nisha
तहसील कार्यालय में कलेक्टर का औचक निरीक्षण, लंबित प्रकरणों पर जताई सख्ती
रिकॉर्ड अद्यतन नहीं मिलने पर कर्मी को फटकार, 10 दिन में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश; राजस्व मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश
सरकार की मंशा के अनुरूप और आम नागरिकों की सुविधा के लिए बेहतर कार्य करें
कोरिया, / कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने शुक्रवार को सोनहत तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण कर राजस्व कार्यों की प्रगति, लंबित प्रकरणों तथा कार्यालयीन व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न शाखाओं का भ्रमण कर अभिलेखों, पंजी संधारण और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी।
तहसील कार्यालय पहुंचते ही कलेक्टर ने लंबित राजस्व प्रकरणों की जानकारी ली और विभिन्न पंजी एवं अभिलेखों का अवलोकन किया। समय पर रिकॉर्ड अद्यतन नहीं मिलने पर उन्होंने संबंधित कर्मचारी को फटकार लगाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अभिलेख नियमित रूप से अद्यतन रखे जाएं, ताकि आम नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
प्रत्येक शाखा का किया निरीक्षण
कलेक्टर ने तहसील कार्यालय के प्रत्येक कक्ष, नाजिर शाखा, कानूनगो शाखा तथा रिकॉर्ड कक्ष का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों से उनके कार्यों की जानकारी ली और कार्यालयीन व्यवस्था, अभिलेख संधारण एवं कार्य निष्पादन की समीक्षा की।
उन्होंने तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को निर्देशित किया कि राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। बिना अनुमति के कार्यालय से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा सरकार की मंशा के अनुरूप और आम नागरिकों की सुविधा के लिए बेहतर कार्य करने वाले को प्रोत्साहित भी की जाती हैं ऐसे में सभी अधिकारी कर्मचारी जिम्मेदारी व जवाबदेही के साथ कार्य करना सुनिश्चित करें।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र 10 दिन में जारी करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आवेदन प्राप्त होने के बाद अधिकतम 10 दिनों के भीतर जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर संबंधित आवेदक को उपलब्ध कराया जाए, जिससे नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
डिजिटल कार्य प्रणाली अपनाने पर दिया जोर
कलेक्टर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि वर्तमान समय डिजिटल कार्य प्रणाली का है। ऐसे में सभी कर्मचारियों को कम्प्यूटर आधारित कार्यों में दक्ष होना चाहिए। उन्होंने कहा कि तहसील एवं अनुविभागीय कार्यालय किसानों, ग्रामीणों और विभिन्न वर्गों के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सेवाओं का केंद्र हैं, इसलिए यहां कार्यरत प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी नागरिक को प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण मानसिक, शारीरिक या आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
एडीएम ने भी जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर (एडीएम) श्री सुरेन्द्र वैद्य ने सोनहत तहसीलदार श्री संजय राठौर से जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के लंबित प्रकरणों की जानकारी ली और विलंब पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि आवेदकों से केवल आवश्यक दस्तावेज ही मांगे जाएं तथा पात्र हितग्राहियों को बिना अनावश्यक विलंब के तत्काल प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद नागरिकों को समय पर दस्तावेज उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

