Monday, October 26, 2026
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समृद्ध साहित्य की विरासत को आगे बढ़ा रहा है कोरिया साहित्य महोत्सव – प्रभात मिश्रा दो दिवसीय कोरिया साहित्य महोत्सव में शामिल हुए छत्तीसगढ राजभाषा आयोग अध्यक्ष147 कलाकार और साहित्यकारों के साथ 16 समाजसेवियों का मंच से हुआ सम्मान किया

kamrun nisha


समृद्ध साहित्य की विरासत को आगे बढ़ा रहा है कोरिया साहित्य महोत्सव – श्री प्रभात मिश्रा
दो दिवसीय कोरिया साहित्य महोत्सव में शामिल हुए छत्तीसगढ राजभाषा आयोग अध्यक्ष
147 कलाकार और साहित्यकारों के साथ 16 समाजसेवियों का मंच से हुआ सम्मान किया

बैकुण्ठपुर दिनांक 26/10/26 – लोककला संस्कृति और साहित्य के समागम के लिए आयोजित कोरिया साहित्य महोत्सव के दूसरे दिन का गरिमामय आयोजन छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा की उपस्थिति में संपन्न हुआ। अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा ने आयोजन में शामिल होकर दूसरे दिवस सत्र का दीप प्रज्जवलित कर औपचारिक शुभारंभ किया और पूरे प्रदेश के साहित्य और कला संस्कृति धर्मियों को प्रोत्साहित करते हुए पुरूस्कृत किया। दूसरे दिवस के औपचारिक शुभारंभ अवसर पर राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा के साथ बैकुण्ठपुर एसईसीएल क्षेत्र के महाप्रबंधक श्री नरेश प्रसाद, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती वंदना राजवाड़े, सदस्य श्रीमती गीता राजवाड़े और क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकार श्री वीरेन्द्र श्रीवास्तव मंच पर उपस्थित रहे। विदित हों कि पूरे प्रदेश में अपनी विविधता के लिए पहचान रखने वाले दो दिवसीय कोरिया साहित्य महोत्सव के प्रथम दिवस छत्तीसगढ़ शासने के केबिनेट मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल ने साहित्य महोत्सव के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया था।
कोरिया के पास समृद्ध साहित्यिक विरासत
कोरिया साहित्य महोत्सव के दूसरे दिवस में शामिल होने के लिए कोरिया पधारे छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा ने उपस्थित साहित्यप्रेमियों, कलाप्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरिया के पास एक समृद्ध साहित्यिक और वैचारिक इतिहास उपलब्ध है। यहां की उर्वरा धरती ने सदियों तक साहित्य की सृजनात्मकता को उर्जा प्रदान की है। यहां की प्रबुद्धता के लिए अपने विचारों को रखते हुए श्री मिश्रा ने भवानीप्रसाद मिश्र, आचार्य रामचंद्र शुक्ल, विमल मित्र जैसे वरिष्ठ साहित्यधर्मियों के कोरिया से जुड़ाव और प्रेरणा का उल्लेख करते हुए कहा कि कोरिया ने हमेशा साहित्य की सृजनता को पोषित और पल्लवित किया है। कोरिया साहित्य महोत्सव कोरिया की इसी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए शानदार पहल कर रहा है। कोरिया साहित्य महोत्सव की विविधता पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए उन्होने कहा कि यह पूरा क्षेत्र अपने आप में बेहद महत्वपूर्ण और गौरवशाली इतिहास समेटे हुए है। श्री मिश्रा ने साहित्य की विशेषता का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में व्याप्त लोकसंस्कृति में शुद्धता के लिए साहित्य हमेशा कार्यरत रहता है, सामाजिक, सांस्कृतिक परिपाटी में आने वाली हर विकृति को सबसे पहले लोकहित में साहित्यकार ही चिन्हित करता है इसलिए भी हर सभ्य समाज के निर्माण में साहित्य की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है।
विचारों से समाज का विकास निर्धारण
भारत के विभिन्न राज्यों का भ्रमण कर समाज में वैचारिक क्रांति फैला रहे वरिष्ठ विचारक श्री नागेन्द्र वशिष्ठ ने भी कोरिया साहित्य महोत्सव में अपनी सहभागिता देकर साहित्यप्रेमियों को संबोधित कर प्रोत्साहित किया। उन्होने देश के निर्माण में सतत कार्यशील रहते हुए प्रत्येक कलाप्रेमी से राष्ट्रप्रेम को ध्यान में रखकर रचनाधर्मिता करने का आवाहन किया। अपने उदबोधन में सभी साहित्यकर्मियों को प्रेरित करते हुए उन्होने समाज के गठन और उसके सर्वांगीण विकास में साहित्य की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
कोसम का आयोजन गौरवशाली
विशिष्ट अतिथि की आसंदी से कोरिया साहित्य महोत्सव में कलाप्रेमियों को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक श्री नरेश प्रसाद, जिला पंचायत उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े और सदस्य श्रीमती गीता राजवाड़े ने भी अपनी शुभकामनाएं देते हुए कोरिया साहित्य महोत्सव के चौथे संस्करण को क्षेत्र के लिए उपलब्धि करार दिया। उन्होने कोरिया जिले के इस आयोजन को सभी के लिए सीखने का अवसर बतलाते हुए कहा कि कोरिया साहित्य महोत्सव से पूरे क्षेत्र की नई प्रतिभाओं को सीखने और आगे बढ़ने की उर्जा मिलती हैं।

साहित्य के साथ समाज से जुड़े हर वर्ग का सम्मान
कोरिया साहित्य महोत्सव के दूसरे दिन राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा की उपस्थिति में विभिन्न विद्यालयीन बच्चों के अलावा राष्ट्रीय स्तर के कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। इस दौरान श्री मिश्रा ने विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में संस्था के संरक्षक श्री नरेश सोनी के साथ कोरिया के 38 नवोदित रचनाकारों और अलग अलग जिलों से आए कुल 41 कलाधर्मियों को मंच से सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होने पूरे क्षेत्र में समाज में सक्रिय सहभागिता रखने वाले वरिष्ठ पत्रकारों, क्षेत्रीय कामगारों के लिए सक्रिय श्रमिक नेताओं, समाजसेवियों को भी सम्मान प्रदान किया। कोसम के दो दिवसीय आयोजन के दौरान कुल 147 कलाकारों और साहित्यकारों तथा 16 समाजसेवियों का मंच से अतिथियों द्वारा सम्मान किया गया।
दिल्ली से आए मुरारी ने जीता दिल
काव्य त्रिवेणी में पधारे दिल्ली के प्रख्यात रचनाकार श्री मुरारी मंडल ने देर रात तक दर्शकों को काव्यधाराओं में डुबाए रखा। सरल और सहज प्रस्तुति से दिल को छू लेने वाली रचनाओं पर मुरारी मंडल दर्शकों ने जमकर सराहा। उनके साथ मुंगेली से आए देवेन्द्र परिहार और घरघोड़ा से आए हर्षराज हर्ष की प्रस्तुतियों पर देर रात तक श्रोता मंत्रमुग्ध होते रहे। इसके पहले युवाओं के कवि सम्मेलन और सियाधेश म्यूजिक बैंड की प्रस्तुति को भी कोरियावासियों ने जमकर प्यार दिया।
विशिष्ट जनों की उपस्थिति
संस्कृति विभाग, स्काईहाइटस, साईनाथ फाउंडेशन तथा एसईसीएल के विशेष सहयोग से टीम अभिव्यक्ति द्वारा आयोजित कोरिया साहित्य महोत्सव के दूसरे दिन पूरे संभाग से साहित्यधर्मियों की उपस्थिति रही। इसमे सरगुजा सूरजपुर, मनेन्द्रगढ सहित प्रदेश के अनेक जिलों के साहित्यकारों ने कविता पाठ किया और मुख्य अतिथि के हांथों सम्मानित हुए। कार्यक्रम मे वरिष्ठ साहित्यकार डी के उपाध्याय, रमेश गुप्ता, सुंदर लाल तिवारी, सूरजपुर से डॉ ओंकार साहू, तहसील दार बैकुंठपुर श्री प्रांजल मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री जितेन्द्र गुप्ता, श्री राजेश तिवारी, श्री शैलेश तिवारी, श्री सिद्धार्थ खैरवार, श्रीमती चंद्रा चर्चित, श्री राजेंद्र सोनी, श्री योगेन्द्र मिश्रा, श्री शैलेष शिवहरे, श्री भानू पाल, श्री अमित श्रीवास्तव, श्री अनूप बड़ेरिया, रायपुर से श्री आशीष राज सिंघानिया, हर्षराज हर्ष, श्री सुनील शर्मा, आयुष नामदेव, तारा पाण्डे, अलीशा शेख, योगेश गुप्ता, हरिकांत अग्निहोत्री, विनय तिवारी, मिराज अली सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार संस्कृति धर्मी, स्थानीय कलाकारों के साथ साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। सभी की उपस्थिति के लिए अंत में आभार प्रदर्शन श्री रूद्र मिश्रा तथा पूरे आयोजन में मंच का संचालन श्री सुनील शर्मा ने किया।