एक और समिति प्रबंधक हो गया शहीद कब देगी प्रशासन ध्यान
कोरिया जिला से कमरुन निशा की खास रिपोर्ट

जिला कोरिया के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित छिंददाड़ के समिति प्रबंधक श्री अशोक मानिकपुरी का निधन गत दिवस कोरोनावायरस के कारण हो गया।। इससे पूर्व में भी छत्तीसगढ़ के ही दो अन्य सहकारी समिति के समिति प्रबंधकों का निधन भी कोरोनावायरस के कारण हो गया था किंतु शासन प्रशासन के द्वारा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति में कार्य करने वाले किसी भी कर्मचारियों का स्वास्थ्य बीमा नहीं कराया गया है जबकि यह कर्मचारी पूरे वर्ष लगातार शासन की सभी महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन धरातल पर करते आ रहे हैं, इन्हीं कर्मचारियों के द्वारा कृषकों को 0% ब्याज पर कृषि ऋण का वितरण एवं कृषकों के फसलों के लिए फसल बीमा का कार्य किया जाता है।। सहकारी समितियों से ही कृषि ऋण लेकर कृषकों के द्वारा खरीफ वर्ष में धान की खेती की जाती है एवं सहकारी समिति के माध्यम से ही खेती के लिए 0% ब्याज पर कृषकों को खाद बीज उपलब्ध कराया जाता है फसल पकने के पश्चात कृषकों का धान समिति में इन्हीं कर्मचारियों के द्वारा खरीदा जाता है एवं रबि सीजन में पुनः कृषकों को 0% ब्याज पर कृषि ऋण इन्हीं कर्मचारियों के माध्यम से प्रदान किया जाता है
एक लाइन में कहा जाए तो सरकार के सबसे बड़े वोट बैंक कृषकों के लिए पूरे वर्ष भर सहकारी समिति के ही कर्मचारी कार्य करते रहते हैं किंतु शासन की उपेक्षा के कारण इनकी स्थिति बद से बदतर होती जा रही है इन्हें लगातार भीड़ में रहकर कार्य करना पड़ता है, इनके पास किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य बीमा नहीं होता।। इनका कार्यकाल पूर्णत:अस्थाई होता है। इन कर्मचारियों को इतना अल्प वेतन मिलता है जिससे परिवार का पेट पालना भी मुश्किल है किंतु सरकार के सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन और धरातल पर उनका क्रियान्वयन इन्हीं कर्मचारियों के द्वारा किया जाता है।। शासन की ऐसी ही सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन करते हुए आज एक और कर्मचारी शहीद हो गया।।
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कर्मचारी संघ के संभाग अध्यक्ष श्री प्रभाकर सिंह के द्वारा दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए यह कहा गया कि हमारे कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक भैया जी सदैव हमारे ह्रदय में राज करते रहेंगे एवं शासन प्रशासन का इस ओर ध्यानाकर्षण कराया जाएगा और प्रशासन से दिवंगत आत्मा के परिवार को मुवावजा के रूप में 5000000 रुपए एवं परिवार के किसी एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की मांग करेंगे।।


