खबर आईना न्यूज़ हेड एवं एंटी करप्शन मूवमेंट भारत के महिला प्रकोष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती कमरुन निशा ने समूह की महिलाओं से होली पर्व त्योहार होली मिलन समारोह


होली का त्यौहार भगवान कृष्ण से जुड़ा त्यौहार है, ब्रज में एक महीना पहले से होली का त्यौहार शुरू हो जाता है ,कभी फूलों से होली खेलते हैं ,कभी रेत में लोटते हैं, कभी रंगों से नहाते हैं कई तरह की खोली खेली जाती है, होली के हर रंग का अपना एक अर्थ है ,लाल रंग प्रेम का प्रतीक है, तो पीला रंग पवित्रता का और हरा रंग है आगे बढ़ते रहने का प्रतीक, नीला रंग आसमान की विशालता को जताता है, तो

सफेद रंग सादगी और सच्चाई का द्योतक है, और काला रंग अशुभता का परिचायक है और साथ ही दुख का भी ,यानी कि हर एक रंग का अपना-अपना अस्तित्व है और हमारे त्यौहार मानो इन रंगों पर बने हैं और हमें जीवन का यही संदेश देते हैं कि हमारा जीवन इसी तरह के रंगों की तरह है ,क्योंकि जीवन में कभी प्रेम आता है तो, कभी उदासी, कभी आगे बढ़ने की क्षमता प्राप्त होती है ,तो कभी आसमान को छू लेने की आकांक्षा ,कभी दुखों के बादल छाते हैं, तो कभी खुशियों से जीवन झूमता है,

यानि की जीवन की गति में समानता नहीं होती, कभी दुख ,कभी सुख, कभी विरह , कभी मिलन, कभी इंसानी जीवन आगे तो, कभी जीवन हमें बहुत पीछे धकेल देता है ,यह रंग हमें यही समझाते हैं कमरुन निशा इतवारा राजवाड़े पार्वती मान कुवर निर्मला सीमा सोनकुवर सविता एवं अन्य सदस्य उपस्थित ,

होली त्यौहार है, उत्साह और उमंग का ,इस त्यौहार में सबके लिए प्यार और सौहार्द की भावना निहित है
