भाजपा मे फिर देखी गई तीन गुटो की गुटबाजी, युपी से आए मंत्री के स्वागत हेतु लगाऐ गए होर्डीग बोर्ड मे नपा अध्यक्ष की फोटो गायब फोटो
kamrun nisha

भाजपा मे फिर देखी गई गुटबाजी, युपी से आए मंत्री के स्वागत हेतु लगाऐ गए होर्डीग बोर्ड मे नपा अध्यक्ष की फोटो गायब
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कोरिय बैकुंठपुर मे तीन गुटोंं की। गुटूर गुटूर गुटबाजी नगर पालिका बैकुण्ठपुर मे चुनाव से पहले और चुनाव नतिजे के बाद से भाजपा के भीतरघातियों का बोल बाला रहा और उनकी रणनिति भी कारगर साबित हुई। भीतरघातियों की रणनीति पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष व भाजपा जिला उपाध्यक्ष शैलेश शिवहरे के कैरियर को खत्म करने के लिए रची गई थी किंतु चुनाव के दौरान वर्तमान भाजपा नगर पालिका अध्यक्ष की जीत ने भीतर घाटियों की रणनीति को भेदने में सफल हुई थी, लेकिन शायद
नगर पालिका बैकुंठपुर अध्यक्ष की रेस में दूर-दूर तक नजर ना आने वाले भाजपा के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शैलेश शिवहरे ने कांग्रेस की पूर्ण बहुमत होने के बाद भी नविता शिवहरे को अध्यक्ष बनाने में सफल रहे। जिसके बाद भीतरघातियों के द्वारा अब भाजपा संगठन से शैलेश शिवहरे का नाम हटानें का प्रयास लगातार किया जा है। जिसका उदाहरण आज शहर में देखा जा सकता है कि यूपी के मंत्री व छत्तीसगढ़ के सह प्रभारी बैकुंठपुर पहुंचे उनके स्वागत में चौक चौराहों में लगाए गए पोस्टरों में नगर पालिका अध्यक्ष की फोटो नदारद दिखी, जिससे शहर में चर्चाओं का दौर गर्म हो गया है, अब तक लोग कांग्रेस में गुटबाजी के कारण नगर पालिका अध्यक्ष नहीं बना सके थे, ऐसी बातें चल रही थी किंतु अब एक बार फिर सत्तापक्ष को भाजपा के खिलाफ मौका मिल गया और कांग्रेसी भी दबी जुबान से यह कह रहे है कि कांग्रेस में ही नहीं अपितु भाजपा में भी गुटबाजी है लोग पहले अपने दामन को देख लें उसके बाद दूसरे के दामन को देखें ऐसी कहावत कहते हुए कहा गया कि शहर में आप स्वयं देखने की भाजपा में किस तरह से फूट नजर आ रही है कि वह नगर पालिका अध्यक्ष की फोटो तक बैनर व पोस्टरों में नहीं लगाए।
आपको बता दें कि कोरिया जिला बैकुंठपुर में जब तक जिला अध्यक्ष भाजपा के स्वर्गी तीरथ गुप्ता जी जब तक जिले मे थे उनके कार्यकाल में सभी कार्यकर्ता छोटे बड़े पदाधिकारी एवं वरिष्ठ नेताओं की मान सम्मान उच्च दर्दे की थी और अंदर की बात अंदर तक ही सीमित रहती थी अब अंदर की बात अब खुलेआम दिखाई देती है
कोरिया जिला बैकुंठपुर भाजपा के जिला अध्यक्ष जब से बनाए गए हैं तब से तीन गुटों मे गुटबाजी शुरू हो गई

