बैकुण्ठपुर की बेटी ने मनोरोग से संबंधित शोध करते हुए डाॅ0 ऑफ फिलाॅसफी (पीएचडी) की उपाधि प्राप्त की।

बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं छोटी बहन अंजना को

जिला कोरिया बैकुण्ठपुर की बेटी ने मनोरोग से संबंधित शोध करते हुए डाॅ0 ऑफ फिलाॅसफी (पीएचडी) की उपाधि प्राप्त की।

पीएचडी (शोध) करना सभी के लिए एक सपना रहता है। इसमें समय के साथ दिमागी कसरत की भी जरूरत पड़ती है, परन्तु डाॅ0 अंजना सेमुएल ने अपनी मेहनत से पीएचडी की उपलब्धि हासिल की जो की बहुत ही गर्व की बात है। बैकुण्ठपुर की बेटी डाॅ0 अजंना सेमुएल ने अपना शोध ‘‘शारीरिक चोट एवं मानसिक स्वास्थ्य का संबंध बच्चों एवं वयस्को के बीच तुलनात्मक अध्ययन‘‘ पर पूरा किया। इन्होंने अपना शोध कार्य श्री वेंकटेश्वर विष्वविद्यालय उत्त्र प्रदेश से डाॅ0 मालती लोधी के मार्गदर्शन में पूरा किया। पीएचडी की उप्लब्धि मिलने के साथ ही इन्हें निरंतर लोगो से बधाईयां एवं शुभकामनांए मिल रही है। कोरिया जिला बैकुण्ठपुर से नर्सिंग के क्षेत्र में यह पहली पीएचडी (शोध) है।
डाॅ0 अंजना सेमुएल के शिक्षा- दीक्षा की शुरूआत केन्द्रीय विद्यालय बैकुण्ठपुर से प्रारंभ हुई। वर्तमान में ‘‘न्यू लाईफ‘‘ इंस्टीट्यूट आॅफ नर्सिंग काॅलेज में प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं एवं इनके पति डाॅ0 सुमन कुमार, शासकीय जिला चिकित्सालय, सरगुजा, में ‘‘चिकित्सा मनोवैज्ञानिक के पद पर कार्यरत हैं। इनके पिताजी स्वर्गीय श्री चंद्रभूषण सेमुएल एवं माताजी स्वर्गीय श्रीमती प्रिया सेमुएल एस.ई.सी.एल. कटकोना काॅलरी में कार्यरत थे।
डाॅ0 अंजना सेमुएल ने पीएचडी की उपलब्धि का श्रेय सर्वप्रथम ईष्वर, अपनी मार्गदर्शिका डाॅ0 मालती लोधी (जबलपुर) एवं पति डाॅ0 सुमन कुमार तथा रिश्तेदारों एवं प्रियजनोें को दिया।

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