चिरमिरी क्षेत्र में गाजर घास की भरमार

kamrun nisha

चिरमिरी क्षेत्र में गाजर घास की भरमार

कोरिया/कोरिया जिले के एसईसीएल क्षेत्र चिरिमीरी सीसीएल कॉलोनी और नगर पालिक निगम चिरमिरी क्षेत्र के 40 वार्डों में गाजर घास की मानो खेती सी हो गई है गाजर घास एक ऐसी घास होती है जिससे मौसमी बीमारियां अपना पांव पसारती है वही चिरमिरी को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाने के लिए चाहे वह नगर पालिक निगम चिरमिरी हो या फिर एसईसीएल चिरमिरी हो इस गाजर घास को नष्ट करने में भी तक किसी ने कोई ठोस पहल नहीं किया है चिरमिरी के 40 वार्डों की बात की जाए या फिर एसईसीएल कर्मचारियों के लिए बनाई गई कालोनियों की बात की जाए तो इन क्षेत्र में जाते ही गाजर घास का बागान सा देखने को मिल जाता है जिसे डॉक्टरों की मानें तो उनका सीधा कहना है कि गाजर घास से मौसमी बीमारियां अपना पांव पसारती हैं और लोगों को अस्वस्थ करती हैं लेकिन गाजर घास को नष्ट करने में अभी तक ना तो एसईसीएल चिरमिरी और ना ही नगर पालिक निगम स्थानीय प्रशासन कोई ठोस पहल शुरू किया है हालांकि आश्वासन और स्वच्छ चिरमिरी की बात के बड़े-बड़े कसीदे तो कर दिए जाते हैं और स्वच्छ चिरमिरी सुंदर चिरमिरी और सुरक्षित चिरमिरी का नारा देकर मन को तसल्ली कर ली जाती है लेकिन यदि धरातल की देखे तो जब बात कर किया जाता है स्वच्छता और सफाई की तब नगर पालिक निगम चिरमिरी एसईसीएल चिरमिरी प्रबंधन के ऊपर ठीकरा फोड़ता है और जब एसईसीएल चिरमिरी प्रबंधन से पूछा जाता है तो नगर पालिक निगम के ऊपर ठीकरा फोड़ देता है कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि एक दूसरे के ऊपर आरोप-प्रत्यारोप और जिम्मेदारियों का बोझ डाल दिया जाता है लेकिन निर्वाहन किसी के द्वारा नहीं किया जाता वही जब एसईसीएल के सिविल विभाग से पत्रकार के द्वारा पूछा गया तो स्वच्छता और साफ-सफाई को लेकर एस ओ सिविल पत्रकार से कहते हैं कि राइटिंग में आप दीजिए पत्रकार सजगता और जागरूकता का एक सूचक होता है ना कि आवेदक होता है यह बात शायद सिविल विभाग एसईसीएल चिरमिरी को नहीं पता है श्री विभाग अपने जूनियर ओं पर जिम्मेदारी का ठीकरा तो फोड़ देता है वही साफ-सफाई की बात की जाए तो ठेकेदारी प्रथा एसईसीएल कालोनियों की जिम्मेदारी लेकर बैठा है लेकिन कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार की भेंट पूरी तरह से चढ़ा हुआ है स्वच्छता और नालियों की सफाई से लेकर गाजर घास तक पूरी तरह से चिरमिरी क्षेत्र भरा हुआ है इस पर ना तो एसईसीएल गंभीर हो रहा है और ना ही नगर पालिक निगम चिरमिरी देखना यह होगा कि जहां एक तरफ स्वच्छता और साफ-सफाई को लेकर एसईसीएल चिरमिरी और नगर पालिक निगम एक दूसरे के ऊपर ठीककरा तो फोड़ते हैं लेकिन धरातल पर स्वच्छता और साफ-सफाई कब और कैसे लागू होगी यह तो समय ही बताएगा

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