सिटी मिशन प्रबंधक एवं आश्रय स्थल की अध्यक्ष दोनों की सांठगांठ से भ्रष्टाचार अंतिम चरण में राशि ली जाती है ज्यादा एंट्री की जाती है कम। वीआईपी लोगों की रुकने की इंट्री ही नहीं होती किसी को पता ही नहीं रहता

राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला कोरिया बैकुंठपुर नगर पालिका के तहत जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में बनाया गया आश्रय स्थल शहरी आश्रयहीनाें की सहायता के लिए लेकिन आपको बता दें कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के सिटी मिशन प्रबंधक एवं आश्रय स्थल के अध्यक्ष के द्वारा जोर शोर से मनमानी की जा रही है जहां गरीब तबके के महिला पुरुष के रुकने के लिए आश्रय स्थल बनाया गया है वही बीआईपी लोगों से मोटी रकम रुकने के ली जाती है लेकिन रजिस्टर पर एंट्री नहीं की जाती दिखावे के लिए थोड़ी बहुत एंट्री की जाती है।
आपको यह भी बता रहे है कि कुछ दिन पहले भी तू तू मैं हो चुका है आपस में पैसों को लेकर जो लोग रुकनते है उनसे पैसा लेते हैं ज्यादा एंट्री कम करते हैं भ्रष्टाचार अंतिम चरण में आश्रय स्थल के अध्यक्ष को खाली सिटी मिशन प्रबंधक का भरपूर आरक्षण प्राप्त भ्रष्टाचार के लिए
कुछ दिन पहले शादी हो रही थी तो बाराती घराती को रोका गया था इसकी इंट्री नहीं होती रुकते जरूर है आश्रय स्थल में
इनके बोर्ड में साफ शब्दों में लिखा है कि किन के लिए बनाया गया है इन की बोर्ड सच्चाई बता रही है हम नहीं बता रहे हैं शहरी बेघरों हेतु आश्रय स्थल बैकुंठपुर नगर पालिका परिषद के द्वारा बनाया गया था।
सिटी मिशन प्रबंधक सूची पांडे आश्रय स्थल की अध्यक्ष फुलेश्वरी नाभिक यह दोनों ही मुख्य रूप से चला रहे हैं बाकी यह सब सदस्य देखने के लिए है गरीब है बोल नहीं सकते नहीं निकाल दिया जाएगा क्या करें गूंगा बहरा बन के रहना पड़ रहा,, असगरी सिद्धकी लीला कश्यप अनीता नाभिक।
गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्ति को ₹50 में 24 घंटा के लिऐ
किसी भी व्यक्ति के पास अगर राशन कार्ड नहीं है तो उसका चार्ज ₹80 लिया जा रहा है
वीआईपी लोगो को ₹300 में दिया जाता है एंट्री नहीं किया जाता
आश्रय स्थल बैकुंठपुर इस समय सुर्खियों में बना हुआ है
विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार खरीदी में गड़बड़ी झाड़ू फीमेल साफ सफाई एवं मेंटेनेंस के लिए समान मैं बिल ज्यादा बनाया गया राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत आश्रय स्थल का संचालन किया जाता है आश्रय स्थल में वीआईपी लोगों को रुकाया जरूर जाता है लेकिन एंट्री नहीं किया जाता रजिस्टर पर उसका कोई उल्लेख नहीं होता कौन आ रहा कौन जा रहा खाली दिखावा किया जा रहा कहते हैं छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा महिलाओं को बढ़ाने का कार्य सिटी मिशन प्रबंधक को दिया जाता है लेकिन यहां देखने को तो कुछ और ही मिल रहा महिलाओं की कोई तरक्की नहीं कैसी विकास कैसा कार्य समूह की महिलाओं का खाली नाम रह गया है आश्रय स्थल को चलाने वाले अधिकारी है।

