जामा मस्जिद बाजारपारा बैकुंठपुर पेश इमाम आरिफ रजा साहब को हटाया गया जो की बिना नोटिस दिए समाज के चंद ठेकेदारों द्वारा

3 साल का एग्रीमेंट इमाम साहब आरिफ रजा को रखने से पहले किया गया था जमा मस्जिद में लेकिन ये चंद ठेकेदार अपने जुबान से बदल गए और उनको निकाल दिये।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला कोरिया बैकुंठपुर मुख्यालय के अंतर्गत मामला बाजापारा जामा मस्जिद इन दिनों सुर्खियां बटोर रही है जामा मस्जिद बाजारपारा बैकुंठपुर से पेश इमाम आरिफ रजा साहब को हटाया गया जो की बिना नोटिस दिए आवाम से पूछे बिना लिया गया फैसला हर बार की तरह इस बार भी तानाशाही पूर्वक बिना किसी करण के बिना किसी नोटिस के मौलाना आरिफ रजा साहब को इमामत से हटाया गया और यह सिलसिला बहुत पहले से चल रहा है समाज के चंद लोगों के द्वारा इमानाे को बुलाया जाता है बाहर से एग्रीमेंट भी कराया जाता है और साल 6 महीने के भीतर इमाम को हटा भी दिया जाता है ज्ञात हो कि इमाम अपने परिवार के साथ बच्चों के साथ आते हैं और बच्चों की पढ़ाई लिखाई भी बहुत प्रभावित होता है उनका समय सीमा खत्म नहीं हो पता पहले ही इमाम को हटा भी दिया जाता है जानकारी के अनुसार इमाम आरिफ रजा के द्वारा बैकुंठपुर कोतवाली में शिकायत भी की गई और कलेक्टर कोरिया से भी शिकायत की गई इमाम आरिफ रजा के बच्चे पढ़ रहे हैं स्कूल में लेकिन समाज के ये चंद ठेकेदारों के द्वारा तरस नहीं आया कि मार्च तक मोहल्ता देते कि उनके बच्चे की पेपर हो जाता तो चले जाते उन्होंने कहा लेकिन ये चंद लोगों के द्वारा धमकी देकर हटा दिया गया जिस तरीके से तालाब की एक मछली तालाब को गंदा कर देती है इस तरीके से ये समाज के चंद ठेकेदार इमाम को गुलाम समझते हैं हर इमाम की बेज्जती करके ब्लेम लगाकर निकाल देते हैं समाज के चंद ठेकेदारों इमाम को बुलाने से पहले उनके बारे में जानकारी हासिल करो उनका इंटरव्यू लो कि वह आपसे कम पढ़े-लिखे तो नहीं है इमाम की इंटरव्यू लिया करो तब मस्जिदों में इमाम को रखा करो बुलाकर बेज्जती करके निकलना ये मजहब के खिलाफ है। ईमान वालों अपने आप को पांच वक्त के नवाजी बताते हो और घटिया काम करते हो खुदा से डरो तुम्हारा भी फैसला करने वाला खुदा है ।

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