Monday, September 21, 2026
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भाजपा की साय सरकार ने फिर बढ़ाए बिजली दरें, कांग्रेस ने बताया ‘जनता की जेब पर डकैती’ किसानों पर दोहरी मार, बिजली और खेती दोनों महंगी सरकार की लापरवाही का बोझ जनता क्यों उठाए

kamrun nisha.

भाजपा की साय सरकार ने फिर बढ़ाए बिजली दरें, कांग्रेस ने बताया ‘जनता की जेब पर डकैती’

किसानों पर दोहरी मार, बिजली और खेती दोनों महंगी सरकार की लापरवाही का बोझ जनता क्यों उठाए

बैकुंठपुर, कोरिया | 15 जुलाई 2025
राजीव भवन कांग्रेस कार्यालय में आज आयोजित जिला स्तरीय पत्रकारवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि साय सरकार ने डेढ़ साल के भीतर चौथी बार बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि कर जनता की जेब पर डाका डाला है। कांग्रेस ने इसे जनविरोधी, किसान-विरोधी और आर्थिक शोषण की नीति बताया।

जिला अध्यक्ष प्रदीप ने बताया कि वर्तमान वृद्धि के तहत— घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 10–20 पैसे प्रति यूनिट गैर-घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए 25 पैसे प्रति यूनिट और किसानों के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की भारी वृद्धि की गई है। भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों को पहले ही खाद, बीज और बिजली कटौती से परेशान कर चुकी है। अब कृषि पंपों की दरें बढ़ाकर उनकी कमर तोड़ने का काम किया जा रहा है।

इतिहास खुद गवाही दे रहा है
पत्रकारवार्ता में आंकड़ों के साथ बताया गया कि 2003 में जब भाजपा ने सत्ता संभाली थी, तब बिजली दर ₹3.30/यूनिट थी, जो 2018 तक ₹6.40 हो गई — यानी 94% की वृद्धि। इसके मुकाबले 2018–2023 की कांग्रेस सरकार ने पूरे 5 वर्षों में केवल 2 पैसे की औसत वृद्धि की — जो ऐतिहासिक न्यूनतम है। साय सरकार के अभी तक के डेढ़ साल में ही 80 पैसे प्रति यूनिट (13%) की बढ़ोतरी कर दी गई है।

जनता को सब्सिडी नहीं, बोझ मिला
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जहां 65 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को ₹3240 करोड़ की सब्सिडी, किसानों को 5 HP तक मुफ्त बिजली, और BPL परिवारों को 40 यूनिट तक निशुल्क बिजली दी थी, वहीं भाजपा सरकार ने कटौती और दर वृद्धि की नीति अपनाई है।

🧾 सरकार खुद नहीं भरती बिल, बोझ डाल रही जनता पर
कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जब सरकारी विभागों, उपक्रमों और भाजपा के चहेतों के बिजली बिल लाखों-करोड़ों में बकाया हैं, जब बिजली चोरी और लाइन लॉस को रोकने में सरकार विफल है, तब आम जनता से वसूली कर उसका खामियाजा क्यों भरवाया जा रहा है?

केंद्र की गलत नीतियों का असर प्रदेश पर
कोयले पर ग्रीन टैक्स 4 गुना बढ़ाया गया, रेलवे का मालभाड़ा और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई गई, और अडानी से महंगे दर पर कोयला खरीदने की बाध्यता थर्मल पावर प्लांट पर थोपी गई, जिसका सीधा बोझ अब उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है।

  • स्मार्ट मीटर नहीं, स्मार्ट लूट है!
    कांग्रेस ने चेताया कि स्मार्ट मीटर के नाम पर गलत बिल भेजे जा रहे हैं, और अब अडानी समूह के प्रीपेड मीटर लगाने की तैयारी की जा रही है — जो एक नई लूट का जरिया बनेगा। प्रदेशव्यापी विरोध का एलान
    कांग्रेस पार्टी ने कहा कि यह फैसला आम लोगों के हित में नहीं है। इसलिए भाजपा सरकार के इस अन्यायपूर्ण निर्णय के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

पत्रकारवार्ता में मौजूद : जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, पूर्व विधायक अंबिका सिंह देव, पीसीसी सदस्य योगेश शुक्ला, वरिष्ठ कांग्रेसी मुख्तार अहमद, ब्लॉक अध्यक्ष अजय सिंह, शैलेन्द्र सिंह, विकाश श्रीवास्तव, सुरेंद्र तिवारी, धीरज सिंह, रवि राजवाड़े, सौरभ गुप्ता, अंकित गुप्ता, संतोष गोयन एवं अन्य कांग्रेसजन इस पत्रकार वार्ता के दौरान पर मौजूद रहे।

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