वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज जी के कर कमलो से जिले की एकमात्र सर्वसुविधायुक्त निजी वाचनालय /पुस्तकालय का उद्घाटन संपन्न
kamrun nisha.

जिला कोरिया बैकुंठपुर वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज के कर कमलो से जिले की एकमात्र सर्वसुविधायुक्त निजी वाचनालय /पुस्तकालय का उद्घाटन संपन्न हुआ।।
आशीर्वाद स्वरूप दोहे के रूप में स्वाध्याय क्यों जरूरी है कि जानकारी देते हुए व्यंग्यश्री गिरीश पंकज जी ने हमें अपनी रचनाएं प्रदत्त करते हुए कहा कि डेवलेप स्योर पाठशाला एक अच्छी सोच के साथ महानगरों की तर्ज पर बनी अत्याधुनिक निजी स्वाध्याय केन्द्र है। यह छोटे शहरो के प्रतिभाशाली छात्रों और पुस्तक प्रेमियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी
उनके द्वारा पाठशाला परिवार को समर्पित रचना हमारे लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगी।
जो दिल से अध्ययन करे, पाए सच्चा ज्ञान।
जो गफलत करता वही, पछताए नादान।।
पुस्तक सच्ची मित्र है, सदा निभाए साथ।
बिन पुस्तक लगता मुझे, जैसे कोई अनाथ।।
जीवन इक शाला बड़ी, पढ़ें नित्य हम पाठ।
ज्ञान बढ़ा कर हम गढ़े, खुद अपनी इक बाट।।
यह जीवन अनमोल है, इक सुंदर उपहार।
जो यह समझे है वही, महत्वपूर्ण किरदार।।
रोज मनन-चिंतन करो, होगा तब उद्धार।
ज्ञान बिना जीवन भया, बिल्कुल ही निस्सार।।
इस अवसर शहर के गणमान्य नागरिक, वरिष्ठ साहित्यकार ,पुस्तक प्रेमी जनो का स्नेहिल आशीर्वाद मिला जिनमें सतीश उपाध्याय , विरेन्द्र श्रीवास्तव , Rajendra Singh , Yogesh Gupta , Chandan Gupta , Pradeep Pathak , Shankar Suwan Mishra , मीना शर्मा, काया मिश्रा , आकाश पोद्दार , M C Himdhar , रूद्र नारायण मिश्रा , sunil mishra, rajesh sharma, Manoj Mishra , pravindra Singh, तनु पासवान , सभी वरिष्ठ जनो की उपस्थिति रही।

