पूजा पैकरा आत्महत्या मामला : न्याय की मांग हुई तेज विधायक, पूर्व विधायक और समाजिक संगठनों ने उठाई आवाज एफआईआर दर्ज, आरोपी की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

पूजा पैकरा आत्महत्या मामला : न्याय की मांग हुई तेज विधायक, पूर्व विधायक और समाजिक संगठनों ने उठाई आवाज
एफआईआर दर्ज, आरोपी की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
कोरिया। बैकुण्ठपुर स्थित आईसी मार्ट में कथित चोरी के आरोप के बाद मानसिक दबाव में आकर 17 वर्षीय आदिवासी नाबालिग पूजा पैकरा द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। घटना के बाद न्याय की मांग लगातार तेज होती जा रही है। पुलिस परिवार से जुड़े लोगों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने मामले में निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। बढ़ते जनदबाव के बीच पुलिस ने प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर ली है, हालांकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि आरोपी की गिरफ्तारी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
पुलिस परिवार ने किया थाने का घेराव

मामले को लेकर बड़ी संख्या में पुलिस परिवार से जुड़े लोग एवं नागरिक संबंधित थाने पहुंचे और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसी भी नाबालिग के साथ अमानवीय व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केवल एफआईआर दर्ज होना पर्याप्त नहीं है। जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती और दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान थाने के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
विधायक भैया लाल राजवाड़े पहुंचे जिला चिकित्सालय
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय विधायक भैया लाल राजवाड़े जिला चिकित्सालय पहुंचे, जहां उन्होंने मृतका की मां एवं परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। विधायक ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
पूर्व विधायक अंबिका सिंहदेव की कड़ी प्रतिक्रिया
पूर्व विधायक अंबिका सिंहदेव ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि—
“एक छोटी घटना को इतना तूल देना, जिसके दबाव में एक नाबालिग बच्ची ने मौत को गले लगा लिया, अत्यंत दुःखद, अमानवीय, निंदनीय और मन को व्यथित करने वाली घटना है। मैं प्रशासन से बिना किसी दबाव के निष्पक्ष एवं त्वरित जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग करती हूं।”
उनकी इस प्रतिक्रिया के बाद मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने सौंपा ज्ञापन
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने भी पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की। पार्टी ने ज्ञापन में आईसी मार्ट संचालक एवं संबंधित कर्मचारियों पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, मानसिक परामर्श की व्यवस्था तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
साथ ही पार्टी ने आईसी मार्ट सहित जिले के बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालन की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की भी मांग की। हालांकि ज्ञापन सौंपने के दौरान पार्टी की ओर से मौके पर केवल कुछ ही पदाधिकारी उपस्थित दिखाई दिए, जिसकी स्थानीय स्तर पर चर्चा भी रही।
प्रशासनिक कार्रवाई पर सबकी नजर
मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब सभी की निगाहें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से पूरी कर दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई होती है, तो पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत होगी।

निष्पक्ष जांच और संवेदनशील व्यवहार की मांग
घटना के बाद समाज के विभिन्न वर्गों ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में ग्राहकों, विशेषकर महिलाओं और नाबालिगों के साथ सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। लोगों का कहना है कि किसी भी आरोप की स्थिति में कानून सम्मत प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए तथा किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से अपमानित या मानसिक रूप से प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के निष्कर्ष और आगे की कानूनी कार्रवाई पर पूरे जिले की नजर बनी हुई है। पीड़ित परिवार, जनप्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संगठन निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई तथा न्याय की मांग पर एकजुट दिखाई दे रहे हैं।

