सूरजपुर दोहरे हत्याकांड में न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला🔴प्रधान आरक्षक की पत्नी एवं 11 वर्षीय बेटी की हत्या के मामले में 3 आरोपियों को फांसी एवं 1 आरोपी को आजीवन कारावास की सजा
प्रेस नोट
सूरजपुर दोहरे हत्याकांड में न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला
🔴प्रधान आरक्षक की पत्नी एवं 11 वर्षीय बेटी की हत्या के मामले में 3 आरोपियों को फांसी एवं 1 आरोपी को आजीवन कारावास की सजा
🔴प्रकरण फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट मे चला
🔴पीड़ित परिवार को मिला न्याय
🔴घटना से आम जनता मे था रोष, न्यायालय निर्णय पर जताया संतोष
मनेंद्रगढ़ 08 अक्टूबर 2026।
सूरजपुर जिले में दिनांक 13 अक्टूबर 2024 को प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी मेहनाज शेख एवं उनकी 11 वर्षीय पुत्री आलिया शेख की हत्या के’ रेयर ऑफ़ रेयरेस्ट ‘प्रकरण में जिला एवं सत्र न्यायालय, सूरजपुर द्वारा आज दिनांक 08 अक्टूबर 2026 को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया गया है।
न्यायालय द्वारा प्रकरण में विचारण उपरांत मुख्य आरोपी कुलदीप साहू, चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके एवं फूल सिंह उर्फ रिंकू को हत्या के अपराध में मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई गई है। वहीं आरोपी आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया है।
प्रकरण का संक्षिप्त विवरण
दिनांक 13 अक्टूबर 2024 को मेहनाज शेख एवं उनकी 11 वर्षीय पुत्री आलिया शेख की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी कर वैज्ञानिक एवं साक्ष्य आधारित विवेचना की गई। प्रकरण में महत्वपूर्ण साक्ष्य एवं गवाहों के बयान न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
आरोपियों की संलिप्तता
कुलदीप साहू – मुख्य आरोपी, हत्या की साजिश एवं घटना में प्रमुख भूमिका।
चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके –हत्या घटना में सक्रिय भूमिका।
फूल सिंह उर्फ रिंकू – हत्या की घटना में शामिल।
आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी – हत्या घटना में सहयोगी भूमिका।
न्यायालय का फैसला
माननीय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों एवं गवाहों के बयान के आधार पर चारों आरोपियों को दोषसिद्ध किया गया।
कुलदीप साहू, चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके एवं फूल सिंह उर्फ रिंकू को मृत्युदंड तथा आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
सूरजपुर पुलिस द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए की गई प्रभावी विवेचना एवं प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय द्वारा दिया गया यह निर्णय पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।साथ ही ऐसे दुर्दात अपराधियों के लिए सबक है.

