मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान जिले को कुपोषण मुक्त करने जिला प्रशासन की अनूठी पहल 06 माह से 03 वर्ष के कुपोषित बच्चों को किया जा रहा है पौष्टिक गर्म खिचडी का वितरण

कमरुन निशा
कोरिया 26 फरवरी 2020/ कलेक्टर श्री डोमन सिंह के मार्गदर्शन में जिले को कुपोषण मुक्त करने हेतु जिला प्रशासन के पहल पर जिले के 06 माह से 03 वर्ष तक के चिंहांकित सभी कुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में पौष्टिक गर्म खिचड़ी वितरण का शुभारंभ किया गया है। इस योजना का औपचारिक शुभारंभ विगत दिनों महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर मनेन्द्रगढ़ परियोजना अंतर्गत ग्राम लाई में आयोजित अमृतधारा महोत्सव के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं भरतपुर-सोनहत क्षेत्र के विधायक श्री गुलाब कमरो एवं अन्य अतिथियों द्वारा किया गया।
योजना का प्रारंभ विगत 25.02.2020 से जिले के सभी एकीकृत बाल विकास परियोजनाओं के लगभग 1700 आगनबाडी केन्द्रों में किया गया है। जिसके तहत् 06 माह से 18 माह के कुपोषित बच्चों को पौष्टिक गर्म खिचड़ी एवं 18 माह से 03 वर्ष के कुपोषित बच्चों को रोटी, चावल, मूंगदाल, सोयाबड़ी की खिचडी एवं हरी भाजी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिस हेतु प्रति हितग्राही 8.35रू. का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के बेहतर क्रियान्वयन एवं सकारात्मक परिणाम को देखते हुए, अब जिले के 06 माह से 03 वर्ष के कुपोषित बच्चों को पौष्टिक गर्म खिचड़ी का वितरण किया जाएगा। जिस हेतु जिले के 06 एकीकृत बाल विकास परियोजनाओं के 4982 बच्चों को लक्षित किया गया है। इस प्रकार जिले के सभी कुपेाषित बच्चों को चिन्हांकित करते हुए उनके पोषण स्तर की सतत् निगरानी एवं अनुश्रवण किया जा रहा है। जिसके सकारात्मक परिणाम स्वरूप बच्चे कुपोषण से मुक्त होकर समान्य श्रेणी में आ रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ को कुपोषण एवं एनीमिया मुक्त बनाने हेतु 02 अक्टूबर 2019 से प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का संचालन किया जा रहा है। जिसके तहत् जिले के चिन्हांकित कुपेाषित बच्चों को अतिरिक्त पौष्टिक आहार के रूप में अंडा एवं सोयाबादाम पट्टी व एनीमिक महिलाओं को पौष्टिक गर्म भोजन का वितरण किया जा रहा है। योजना के बेहतर क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप 4353 बच्चे कुपोषण मुक्त हो चुके हैं वहीं 3642 महिलाओं के भ्इ में परिवर्तन आया है।

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