मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 के तहत कर शास्ति एवं ब्याज की वसूली योग्य राशि में “एक मुश्त निपटान” व्यवस्था

कमरून निशा


कोरिया 06 सितंबर 2020/ जिला परिवहन अधिकारी ने आज यहां बताया कि राज्य शासन द्वारा 31 मार्च 2020 को प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार समस्त वाहन स्वामियों को मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 के तहत कर शास्ति एवं ब्याज की वसूली योग्य राशि में “एक मुश्त निपटान” व्यवस्था के अंतर्गत विर्निदिष्ट निर्बधन एवं शर्तों के अध्यधीन रहते हुए छूट प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि त्रैमासिक एवं मासिक कर देय वाहनों में दिनांक 31 मार्च 2013 तक वाहन में अधिरोपित लंबित कर की राशि में पूर्णतः छूट तथा त्रैमासिक एवं मासिक कर देय वाहनों में दिनांक 31 मार्च 2013 तक वाहन में अधिरोपित लंबित शास्ति एवं ब्याज की राशि में पूर्णतः छूट दी गई है। इसी तरह त्रैमासिक कर देय वाहनों में दिनांक 01 अप्रैल 2013 से दिनांक 31 दिसम्बर 2018 तक अधिरोपित लंबित शास्ति की राशि में पूर्णतः छूट दी गई है तथा वाहनों में लंबित कर एवं अधिरोपित ब्याज देय होगी ।
जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि मासिक कर देय वाहनों में 01 अप्रैल 2013 से दिनांक 31 दिसबर 2018 तक अधिरोपित लंबित शास्ति की राशि में पूर्णतः छूट दी गई है तथा वाहनों में लंबित कर एवं अधिरोपित ब्याज देय होगी। इसी प्रकार मासिक कर देय वाहनों (यात्री वाहन) में, व्हील बेस के कारण वाहन में कर, ब्याज एवं शास्ति अधिरोपित है, तो कर एवं ब्याज देय होगा, किन्तु अधिरोपित शास्ति में “एक मुश्त निपटान” की निर्धारित अवधि तक पूर्णतः छूट दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ‘‘एक मुश्त निपटान‘‘ की अवधि, माह अप्रैल 2020 से 30 सितबर 2020 तक छः माह के लिए होगी। “एक मुश्त निपटान” योजना के समाप्ति के पश्चात शास्ति सहित पूर्ण राशि वसूल की जायेगी । अधिक जानकारी के लिए जिला परिवहन अधिकारी के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

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