नगर सैनिकों ने अपनी समस्याओं को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह से मिले।

कोरिया जिला से कमरुन निशा की रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी ने अपनी चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया था कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार बनती है तो नगर सैनिकों को पुलिस के बराबर समान काम समान वेतन देने का घोषणा किया था। लेकिन छत्तीसगढ़ में काग्रेस की सरकार बन जाने के 2 साल बाद भी नगर सैनिकों को पुलिस के बराबर  नहीं किया गया है। जिससे सूरजपुर जिले के समस्त नगर सैनिकों ने अपनी समस्याओं को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती रेणुका सिंह से मिलकर ज्ञापन सौंपा है। 

समस्याओं में उन्होंने कहा कि नगर सैनिकों को प्रसूति अवकाश मात्र 3 माह दिया जाता है, परंतु पुलिसकर्मियों को 2 वर्ष दिया जाता है। वर्तमान में नगर सैनिकों को मानदेय मात्र ₹12900 दिया जाता है, परंतु समस्त महिला एवं पुरुष नगर सैनिकों को पुलिसकर्मियों की तरह कार्य कराया जाता है। नगर सैनिकों की पोस्टिंग एक जगह 3 माह के लिए होता है, उसके बाद तबादला कर दिया जाता है उसे बढ़ाकर 3 वर्ष करने की मांग किया गया है। नगर सैनिकों को संविलियन कर समान काम समान वेतन दिए जाने की अपील की है। विगत 2 वर्षों से नगर सैनिकों को एरियस का भुगतान नहीं किया गया है जिसे जल्द से जल्द दिलाने की मांग की गई है। पुलिस विभाग की तरह नगर सैनिकों को सर्व सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। नगर सैनिकों को क्वार्टर नहीं मिलता है, जिससे उन्हें आर्थिक स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। एक ही विभाग में रहकर अधिकारी कर्मचारी कैप कंधा बैच व सामान गणवेश धारण करते हैं, परंतु अधिकारी-कर्मचारी नियमित हैं और नगर सैनिक अनियमित है। जबकि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में नगर सैनिकों को पुलिस के बराबर मानदेय दिया जा रहा है लेकिन छत्तीसगढ़ में कांग्रेेश के सरकार द्वारा क्यों नहीं। इस प्रथा को समाप्त करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती रेणुका सिंह से अपील की है कि सैनिकों को भी पुलिस के बराबर नियमित कर मानदेय सेवा दिया जावे।

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