वनपरिक्षेत्र कार्यालय खडगवा मे रेगुलर लिपिक के पदस्थ होने के बाद भी दैनिक वेतन भोगी लिपिक के है पूरे जलवे
कोरिया जिला से कमरून निशा की रिपोर्ट
खडगवा — वनपरिक्षेत्र खडगवा के कार्यालय मे हुई अनिमितता खडगवा वन विभाग के कार्यालय में रेगुलर लिपिक के पदस्थ होने के बाद भी वन विभाग कार्यालय मे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी (लिपिक)के पद पर पदस्थ किया गया है जबकि खडगवा वन परिक्षेत्र कार्यालय में रेगुलर लिपिक प्रशासन के द्रारा नियुक्त है। उसके बाद भी पिछले चार पाच वर्षो से वन विभाग कार्यालय में रेगुलर लिपिक के पदस्थ होने के बाद भी पूर्व प्रभारी रेंजर के द्रारा लिपिक के पद पर पदस्थ कराया गया है
जिससे खडगवा वनपरिक्षेत्र कार्यालय की गोपनीयता भी भंग हो रही है इस लिपिक का व्यवहार भी वन विभाग के कर्मचारियों के प्रति संतोष जनक नहीं होने के कारण वन विभाग के कर्मचारियों मे समय समय पर लिपिक के प्रति असंतोष भी दिखाई देता रहा है खडगवा वनपरिक्षेत्र के पूर्व प्रभारी रेंजर की कार्य प्रणाली तो काफी चर्चा में भी रही जिसके कारण इस लिपिक का उस प्रभारी रेंजर के समय काफी रसूखदार होने के कारण खडगवा वनपरिक्षेत्र मे काफी जलवा भी बना था कार्यालय के सारें कार्य इस लिपिक के द्रारा किया जाता रहा है।खडगवा वन विभाग कार्यालय के सूत्रों से मिली जानकारी से इस लिपिक के द्रारा निर्माण कार्यो मे काफी भ्रष्टाचार भी किया गया है अगर इसके द्रारा तैयार किये गए फाइलों की जाच कराई जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
अब देखना है कि वर्तमान खडगवा वन परिक्षेत्रा अधिकारी कया इस लिपिक पर मेहरबान रहेगें या इसे इसके पद से बाहर करेंगे
जबकि वन परिक्षेत्र कार्यालय मे एक लिपिक के पदस्थ होने के बाद भी लिपिक का कार्य कराया जाना कार्यालय कि गोपनीयता को भंग करता है इस पर वन अधिकारी को संज्ञान में लेकर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए जिससे कार्यालय की गोपनीयता बनी रहे।

