लॉक डाउन के दौरान भिखारियों व निराश्रित व्यक्तियों को भोजन प्रदान किया जाएगा कोई भी गरीब व्यक्ति भोजन से वंचित न रहे:- कलेक्टर

कमरुन निशा


कोरिया 29 मार्च 2020/ भारत मे कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा आगामी 3 सप्ताह के लिये राज्य में लॉक डाउन की घोषणा की गयी है। जिसके फलस्वरूप समस्त जिलों में भिखारियों एवं अन्य निराश्रित व्यक्तियों के बुरी तरह प्रभावित होने की संभावना को देखते ऐसे व्यक्तियों की जीवन रक्षा के लिये उन्हें भोजन प्रदान करने हेतु राज्य शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। इस संबंध में कलेक्टर श्री डोमन सिंह के द्वारा समस्त नगरीय निकायों, जनपद पंचायतों और समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि जिले में खास तौर पर नगरीय क्षेत्रों में ऐसे निराश्रित व्यक्तियों एवं भिखारियों के क्षेत्र एवं आवश्यकता वाले व्यक्तियों को चिन्हित करें। जिले में स्वैच्छिक संस्थाएं, रेडक्रास सोसायटी, लायन्स क्लब, रोटरी क्लब, रामकृष्ण मिशन, गायत्री परिवार, गुरूद्वारा, अक्षय पात्र, मारवाड़ी समुदाय तथा अन्य समाज सेवी संगठनों से संपर्क कर निराश्रित व्यक्तियों एवं भिखारियों के लिये पका हुआ भोजन तैयार कर उसको पृथक-पृथक पैकेट तैयार कर वितरित करें। उन्होंने निर्देशित किया है कि भोजन वितरण के समय यथासंभव डोर टू डोर जाकर भोजन उपलब्ध करवायें। किसी भी हालात में एक स्थान पर 5 से अधिक व्यक्ति एकत्रित न हो पाये। भोजन वितरण के समय आपस में एक मीटर की दूरी बनाये रखें तथा जिला प्रशासन एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। भोजन वितरण के समय भोजन प्रदाय करने वाले व्यक्तियों को संक्रमण से रोकथाम संबंधी उपाय कराया जाना आवश्यक है। आवश्यकतानुसार पुलिस स्टॉफ को भी साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भोजन वितरण का कार्य सुचारू रूप से हो सके। लॉक डाउन जब तक रहेगा या अन्य कोई निर्देश जारी होने तक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ने कहा है कि भोजन वितरण में उपयोग में लाये गये वाहनों में यह सुनिश्चित करें कि वाहन में भोजन वितरण के लिए प्राधिकृत व्यक्ति स्वयं सेनेटाईज्ड हो तथा प्रत्येक बार हाथ-पांव को साबुन से धोयें तथा एक समय में अधिक भीड़ एक जगह ना हो। साथ ही उन्होंने कहा है कि यदि नगरीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक संस्थाएं नहीं हैं तो अंतिम विकल्प के रूप में उक्त राशि समाज कल्याण विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा। इस संबंध में कलेक्टर ने संबंधित समस्त अधिकारियों को सम्पूर्ण रणनीति बनाकर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने एवं प्रतिदिन प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

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