दूरस्थ अंचल च्यूल, गौधोरा, सावला, तोलगा सहित कुल 8 ग्राम पंचायतों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने कलेक्टर श्री धावड़े का संवेदनशील निर्णय, नवीन उपस्वास्थ्य केंद्र निर्माण की दी स्वीकृति

kamrun nisha

नवीन उपस्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण हेतु डीएमएफ से 2.25 करोड़ रुपये की स्वीकृति

कोरिया 27 दिसंबर 2021/ दूरस्थ वनांचलों में बसे ग्रामीण लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की सहज उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मंशा से कलेक्टर सह अध्यक्ष प्रबंधकारिणी समिति जिला खनिज संस्थान न्यास श्री श्याम धावड़े ने जिले के 8 ग्राम पंचायतों में नवीन उपस्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण की स्वीकृति दी है। उन्होंने इसके लिए 2 करोड़ 25 लाख 28 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है।
जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने कलेक्टर श्री धावड़े ने डीएमएफ से निर्माण के लिए राशि जारी की है जिसमें विकासखण्ड खड़गवां के ग्राम पंचायत सावला, तोलगा और गिद्धमुड़ी, विकासखण्ड बैकुण्ठपुर के आमापारा, विकासखण्ड भरतपुर के ग्राम पंचायत गौधोरा और च्यूल, एवं विकासखण्ड सोनहत के ग्राम पंचायत पलारीडांड और नौगई में उपस्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण कार्य शामिल हैं। प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 28 लाख 16 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
कलेक्टर सह अध्यक्ष श्री धावड़े ने खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, सहपठित छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम 2015 अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 60 प्रतिशत उच्च प्राथमिकता के क्षेत्र स्वास्थ्य देखभाल के तहत शासी परिषद से अनुमोदन की प्रत्याशा में यह स्वीकृति प्रदान की है। इस कार्य के लिए कार्यपालन अभियंता छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल परियोजना संभाग जिला कोरिया को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया है।

उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री धावड़े ने जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार को सर्वाेच्च प्राथमिकता में रखते हुए स्वास्थ्य अमले को पूरी सजगता और संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिये हैं। संस्थागत प्रसव की सुविधा के मद्देनजर सुदूर वनांचलो तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए उन्होंने स्वयं भरतपुर विकासखण्ड जैसे दूरस्थ क्षेत्र से लेकर आनंदपुर-गोयनी, देवसिल, हरचौका तक का दौरा प्रशासनिक टीम के साथ किया है और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए कलेक्टर श्री धावड़े के संवेदनशील प्रयासों का परिणाम है कि जिले में 70 से बढ़कर 120 उप स्वास्थ्य केंद्रों में संस्थागत प्रसव की सुविधा मिलने लगी है। आनंदपुर, अमरपुर, गोल्हाघाट, झरनापारा, टेंगनी, बरदर, मुर्किल, सांवला, मोरगा, सिरौली, पेण्ड्री, सिंघोर, पहाड़हंसवाही, महई, कोथारी, घुटरा, पूटा, बंजी, अकलासरई, पाराडोल, कुशमहा जैसे दूरस्थ स्वास्थ्य केन्द्रों में संस्थागत प्रसव की सुविधा मिलने लगी है।

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