लॉकडाउन के बावजूद प्लास्टिक की फैक्ट्री और कबाड़ दुकान चालू अधिकारी ने किया शील। 0 शहर के अंदर संचालित हो रहे फैक्ट्री अवैध रूप से चलने की है। आशंका।

राशिद जमाल सिद्दीकी की रिपोर्ट
गंडई पंडरिया- नगर पंचायत गंडई शहर के अंदर दुर्ग रोड़ में सड़क के किनारे एक बड़े पैमाने पर कबाड़ के आड़ में प्लास्टिक के टुकड़े बनाने की फैक्ट्री चल रहा था जिसका लोगो को भनक तक नही लगा। उच्च अधिकारी एसडीएम डॉ. तृप्ति वर्मा के मर्दर्शन में
वही कल नयाब तहसीलदार प्रफुल गुप्ता,नगर पंचायत अधिकारी खुमान सिंह कश्यप,आरआई श्रीदेहार,सुश्री लीना उद्योनिकी विस्तार अधिकारी किंशुक यादव,कमल किशोर नेताम,की उपस्थिति में अचानक दबिश दिया गया। जहाँ निरीक्षण के समय भूतल में कबाड़ी से सम्बंधित ज़्यादातर प्लास्टिक के समान पाये गये। कुछ समान दो वाहनों में लदे हुवे मिले प्लास्टिक के टूटे फूटे समान के अलावा इंजेक्शन सीरीज एवं डिप की खाली खाली प्लास्टिक की बोतल बड़े पैमाने पर मिले नीचे भाग में निरीक्षण के साथ ही प्रथम तल में जा कर देखने से यह जानकारी मिला कि प्रथम तल में कारखाने के रूप में बहुत से मशीन स्थापित है। जँहा आज गंडई में 144 धारा और चारो तरफ लॉक डाउन कर्फ्यू के बाद भी तीन महिला मजदूर रमला, धनिया,लता,तीनो निवासी वार्ड नम्बर 14 टिकरीपारा गंडई निवासी कार्य कर रहे थे। पूछ ताछ के दौरान मजदूरों के द्वारा बताया गया कि विगत वर्षों से यह फैक्ट्री संचालित है। जिसमे तकरीबन 25 से 30 मजदूर कार्य करते है। मजदूरों के बताए अनुसार प्लास्टिक की मशीन से कटिंग कर छोटे छोटे दाने बना कर अन्य दूसरे राज्य भेजा जाता है। उन्होंने ने इसके लिए शासन से अनुमति के सम्बंध में कुछ भी जानकारी नही होना बताया साथ ही किसी टिकरीपारा निवासी मेमन का होना बताया वही फैक्ट्री के प्रमुख द्वार पर आरिफ मेमन का मोबाइल नम्बर प्रदर्शित था नम्बर पर सम्पर्क करने किया गया मगर सम्पर्क नही हो पाया। लिहाजा अधिकारियो के द्वारा कबाड़ी सह कथित कारखाने को सील किया गया है।
शासन प्रशासन के नियमो का उड़ा रहे है धज्जियां। होना चाहिए बड़ा कार्यवाही।
एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार स्वक्षता को ध्यान में रखते हुवे प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने का संकल्प ले रहे है। जिसके लिए करोड़ो रूपये खर्च किया जा रहे है। मगर सारे नियमो का धज्जि उड़ाते हुवे गंडई का यह व्यपारी शहर के अंदर इतना बड़ा प्लास्टिक उद्योग लगा कर संचालित कर रहे है। जो सोचने का विषय है। वही सूत्रों से ये भी जानकारी मिला है। कि इनसे ही जुड़े गंडई शहर से कुछ दूरी पर लीमो नदिया के आगे हाल ही में भी एक ऐसा ही फैक्ट्री चालू किया गया। है। अब इस सब मे क्या मामला बनता है। क्या यह फैक्ट्री अवैध है। या वैध है। ये अधकरिक जांच के बाद ही पता चले ग अभी तक खबर लिखे जाने तक इससे जुड़े व्यक्ति सामने नही आये है।

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