कोरियाछत्तीसगढ़

शादी घर निर्माण में विवाद के बाद लगा ग्रहण

छत्तीसगढ़ जिला कोरिया बैकुंठपुर उच्च न्यायालय की बात सामने आई विशेषता शेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शादी घर निर्माण में विवाद के बाद लगा ग्रहण

बैकुंठपुर नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर द्वारा लगभग डेढ़ करोड़ रुपए के लागत से बनने वाला शादी घर पर ग्रहण लगता दिखाई पड़ रहा है
बैकुंठपुर में शादी का घर की आवश्यकता को देखते हुए 22 मार्च 2017 को बैकुंठपुर प्रवास पर आए तत्कालीन नगरी निकाय मंत्री अमर अग्रवाल ने बैकुंठपुर में शादी घर निर्माण कराए जाने की घोषणा की थी
घोषणा के अनुसार तत्कालीन मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री अशोक शर्मा ने 25 मार्च 2017 को कलेक्टर को पत्र लिखकर शादी घर निर्माण के लिए हाई स्कूल के सामने डब्बा क्वार्टर की भूमि का चयन शादी घर के लिए परिषद द्वारा किए जाने का उल्लेख करते हुए हाई स्कूल के सामने की भूमि खसरा क्रमांक 389 /1 एवं 390 की मांग की l 21 फरवरी 2018 को मंत्री अमर अग्रवाल के द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय सर मांगलीक भवन निर्माण एवं छठ घाट के निर्माण की मंजूरी देते हुए शादी घर के लिए डेढ़ करोड़ की राशि बैकुंठपुर नगर पालिका को आवंटित कर दी ।
तमाम शासकीय औपचारिकता को पूरा करते हुए 31 जनवरी 2019 को तत्कालीन कोरिया कलेक्टर नरेंद्र दुग्गा ने नगरपालिका के मांग पर राष्ट्रीय मार्ग से लगे हाई स्कूल के सामने की भूमि खसरा नंबर 389/1 एवं 390 रखवा 0.620 हेतु शादी घर के लिए टोकन दर पर लगभग ₹67000 मैं देने का आदेश पारित किया l नगर पालिका ने शासकीय कोष में राशि जमा कराकर शहर के मध्य शादी घर निर्माण हेतु उपयुक्त भूमि प्राप्त कर ली l
नगर पालिका द्वारा 26 जनवरी 2020 को हाई स्कूल के सामने शादी घर निर्माण के लिए निविदा का प्रकाशन कराया गया एवं 2 मई 2020 को निविदा खोली गई जिसमें ओझा कंट्रक्शन सूरजपुर ने 12.44 प्रशद कम रेट में लगभग एक करोड़ 29 लाख कार रेट डालकर सफल निविदाकार रहे l इसकी वित्तीय स्वीकृति 22 अगस्त 2020 को तत्कालीन कलेक्टर सतनारायण राठौर के द्वारा प्रदान की गई l

वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद ओझा कंट्रक्शन को शादी घर निर्माण का वर्क आर्डर दिया जाना था किंतु मनमाने ढंग से बिना किसी शासकीय औपचारिकता पूरे किए ओझा कनेक्शन का वर्क आर्डर निरस्त कर शहर के बाहर एक ऐसी विवादित भूमि को शादी घर के लिए राजनीतिक दबाव में चुना गया जिसमें स्थानी बिल्डर के द्वारा बाउंड्री वॉल बनाकर घेराव कराया गया था जानकारी के मुताबिक सिर्फ इसी वजह से उस भूमि का चयन शादी घर के लिए किया गया जबकि उस घूम के लिए नगर पालिका के द्वारा कोई भी शासकीय औपचारिकता पूरी नहीं की गई है दूसरे की निजी भूमि को पहले गलत ढंग से शासकीय भूमि के रूप में दर्ज किया गया और फिर उस छोटे जाट के जंगल मत की भूमि को तुष्टि पूर्ण आदेश पारित करते हुए नगर पालिका को शादी घर के लिए दे दिया गया l

शादी घर के लिए नगर पालिका ने दोबारा टेंडर निकाला और जो शादी घर का निर्माण एक करोड़ 29 लाख में हो रहा था उस काम को एक करोड़ 63 लाख में दीया गया यानी इसमें भी 34 लाख रुपए की गड़बड़ी हुई l
जिसकी शुरुआत थी विवाद से हो उसमें कोई भी काम अविवादित कैसे हो सकता है स्थानीय विधायक अंबिका सिंह देव के द्वारा चेर मै की भूमि में शादी घर के निर्माण का शिलान्यास हुआ लेकिन नगर पालिका के अध्यक्ष एवं पार्षदों को तवज्जो नहीं दिए जाने के कारण वह कार्यक्रम भी खास विवादित रहा

इसी बीच वास्तविकता भूमि स्वामी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी उसके जमीन को गलत ढंग से शासन के मद मैं दर्ज कर उसमें शादी घर बनाया जा रहा है जिस पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए कलेक्टर कोरिया एवं तहसीलदार बैकुंठपुर को निर्देशित किया कि 2 माह के अंदर भूमिका सीमांकन कर उसके वास्तविक भूमि स्वामी को दिया जाए साथ ही उच्च न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि जब तक ऐसा नहीं कर दिया जाता तब तक उसके भूमि में कोई दखल नहीं दिया जाए
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब चेयर में शादी घर नहीं बन पाएगा क्योंकि नगरपालिका को वही भूमि आवंटित की गई थी जिसको बिल्डर द्वारा बाउंड्री वॉल बनाकर विरावा कराया गया था और अब उस जमीन को उच्च न्यायालय के आदेश के बाद वापस करने के बाद नगर पालिका के द्वारा वहां शादी घर बनवाना संभव नहीं होगा
यदि नगरपालिका निविवादीत रूप से पूर्व आवंटित जगह पर शादी घर का निर्माण करा देती तो आज हुआ है बनकर तैयार हो जाता और शहर के लोग उससे लाभान्वित हो रहे होते लेकिन राजनीतिक दबाव एवं दूरदर्शिता और नगर पालिका के गलत निर्णय का दंश आज पूरा शहर जेल रहा है जिससे ना सिर्फ शहर के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा बल्कि शहर का जो पैसा शहर के विकास व सुंदरीकरण में खर्च होता वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है अब देखना यह है कि नगर पालिका बहुप्रतीक्षित या यू कहे बहुचर्चित शादी घर का निर्माण का कार्य कहां शुरू करती है
बैकुंठपुर के आम से खास लोगों तक एवं सोशल मीडिया में पहले बिल्डर को दी गई जमीन पर 3 करोड़ से भी अधिक लागत से बनने वाले स्पोर्ट कंपलेक्स और अब उसी बिल्डर की भूमि पर बनने वाले शादी घर में उच्च न्यायालय के द्वारा रोक लगाने में चर्चाओं का बाजार गर्म है

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