बालगृह के बच्चे में पढ़ाई के अलावा शतरंज, योग व खेलों में भी कुशल तो अंग्रेजी में करते हैं बेधड़क वार्ता बच्चों ने कविता-गीत और डांस से किया मंत्रमुग्ध।

kamrun nisha


बालगृह के बच्चे में पढ़ाई के अलावा शतरंज, योग व खेलों में भी कुशल तो अंग्रेजी में करते हैं बेधड़क वार्ता बच्चों ने कविता-गीत और डांस से किया मंत्रमुग्ध
डॉ. एकता लंगेह ने बालगृह, वृद्धा आश्रम जाकर की मुलाकात, रसीले लीची व आम फल का किया वितरण

कोरिया, आज डॉ. एकता लंगेह ने बालगृह, वृद्धाश्रम व बौद्धिक मन्दता आश्रम जाकर इनसे मुलाकात की और फलों का वितरण भी किए।
मानव संसाधन संस्कृति विकास परिषद बालगृह (बालक) कोरिया के बच्चों ने जिस उत्साह से योग का प्रदर्शन किया, गीत-कविता सुनाया और अपने परिचय बेधड़क अंग्रेजी में देकर साबित की कि प्रतिभा किसी चीज की मोहताज नहीं होते।
डॉ एकता लंगेह ने इन बच्चों से अंग्रेजी, गणित के कई रोचक सवाल भी किए। बड़े होकर क्या बनना चाहते हो, इस सवाल के जवाब में इन बच्चों ने पुलिस, शिक्षक, बड़े अधिकारी बनने का लक्ष्य बताया। डॉ. एकता लंगेह ने इन बच्चों को अपने लक्ष्य को हासिल करने लिए खूब मेहनत करने की सलाह दी। उन्होंने बच्चों से कहा कि उनके पास बहुत सारे नोट बुक हैं, वे जरूर मुहैया कराएंगी ताकि कॅरियर निर्माण में उन्हें मदद मिल सके।
ये बच्चे पढ़ाई-लिखाई के साथ खेलकूद में भी बहुत कुशल हैं। इन मासूमों की पेंटिंग, शतरंज की चाल, खो-खो, कबड्डी, फुटबॉल व क्रिकेट में जिस तरह से पकड़ है, साथ ही देश-दुनिया की खबरों से भी अपडेट रहते हैं। उन्हें देखकर लगता है कि आने वाले समय में यह बच्चे जरूर कामयाब होंगे। उन्होंने बच्चों को स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त की। पैरामेडिकल स्टॉफ ने बताया कि हर माह नियमित जांच की जाती है।
बाल कल्याण अधिकारी श्री सुनील शर्मा ने बताया कि इस बाल गृह के बच्चों ने शतरंज, रिले रेस, हाई जम्प जैसे खेलों में राष्ट्रीय स्तर में अपना प्रदर्शन किया है, वहीं राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में भी भाग लिया। वर्ष 2018 एवं 2019 में इस बालगृह को बाल गौरव सम्मान भी मिला चुका है।

इस डिजिटल युग में इन बच्चों को कम्प्यूटर भी सिखाया जाता है तो कई बच्चे कार्डबोर्ड व हार्डबोर्ड से गाड़ी, कार भी बनाने की कला जानते हैं।
डॉ. एकता लंगेह ने इन बच्चों के योग व डांस को देखकर कहा कि किसी को अवसर की दरकार है तो कोई आभाव में भी अपने हुनर से समाज में एक उम्मीद की रौशनी फैलाने में सफल हो जाते हैं। निश्चित ही यह बच्चे जितने सरल, सहज हैं, उतना ही अपने कार्यों के प्रति गम्भीर हैं। बच्चों को सामाजिक वातावरण में बढ़ने एवं पढ़ने का अवसर प्राप्त होने से उनका नैतिक उत्थान भी होगा।
डॉ. एकता लंगेह ने वृद्धाश्रम जाकर बुजुर्गों के साथ सुख-दुख साझा किए। उन्होंने इन बुजुर्गों से स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बुजुर्गों से कहा कि आप लोगों के अनुभव व आशीर्वाद से नई पीढ़ी को सीख मिलेगी। उन्होंने इन बुजुर्गों से कहा कभी भी मन में दुःख न रखें, समय पर भोजन करें, दवाई लेते रहें, भरपूर नींद के साथ आपस में खूब बातचीत करें और हंसते हुए जिंदगी जिएं।
इस अवसर पर बालगृह के अधीक्षक श्री चंद्रेश सिंह सिसोदिया, महिला एवं बाल विकास विभाग से पंकज वर्मा, श्रीमती वित्तबाला श्रीवास्तव, काउंसलर श्री अक्षय सोनी, पैरामेडिकल स्टॉफ सुश्री आरती जायसवाल उपस्थित थे।

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