कोरियाछत्तीसगढ़

शासकीय भवन निर्माण कार्य, करने वाले कई बच्चे मध्य विद्यालय के विद्यार्थी मजदूरी का भुगतान 280 रुपए है। जिस उम्र में इनके हाथों में किताबे और पेन होना चाहिये , कम उम्र में इन बच्चों के हाथों में फावड़ा, प्रशासन के नजरों से दूर है क्या पीडब्लूडी कार्यालय इन दिनों सुर्खियां बटोर रही।

बैकुण्ठपुर में नाबालिग बच्चों से कराई जा रही भवन निर्माण कार्य फावड़ा थाम कर काम कर रहे बच्चे

बैकुण्ठपुर। कोरिया जिला मुख्यालय में बनने वाले शासकीय भवनों में सरकार द्वारा निर्धारित नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। नाबालिग बच्चों से कोरिया जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर के कचहरीपारा मे बन रहे शासकीय भवन निर्माण कार्य में काम कराया जा रहा है। काम करने वाले कई बच्चे मध्य विद्यालय के विद्यार्थी है। इन्हें मजदूरी का भुगतान 280 रुपए मिलता है। जिस उम्र में इनके हाथों में किताबे और पेन होना चाहिये था, उस उम्र में इन बच्चों के हाथों में फावड़ा, कुदाल व बालू से भरे तसले देकर काम कराया जा रहा है। एक तरफ जहां देश के नौनिहालों को शिक्षित करने के लिए सरकार करोड़ो रुपये खर्च कर रही है। तो वहीं दूसरी तरफ यहां काम कराने के लिए नौनिहालों के भविष्य से खुले आम खिलवाड़ हो रहा है। ऐसे में क्या देश के भविष्य कहे जाने वाले बच्चे कुछ बन पाएंगे या माता-पिता गांव नगर का नाम रोशन करेंगे ऐसी स्थिति में प्रशासन से लेकर आला अधिकारी नेता किसी को बाल मजदूरी एवं आने वाले समय के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता नहीं दिखाई दे रहा है ।

बता दें कि जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर के कचहरीपारा जहान पीडब्लूडी का कार्यालय भी है वहीं नाबालिक बच्चों से कार्य कराया जा रहा है इस संबंध मे जब संबंधित इंजिनियर मो.नं. 8319594872 से जानकारी के लिए फोन किया गया तो उनके द्वारा फोन का कोई जवाब नही दिया गया जबकि स्थानिय विधायक व कलेक्टर कोरिया के स्पष्ट निर्देश है की शासकीय कर्मचारी व अधिकारी सभी का फोन उठाऐ लेकिन बैकुण्ठपुर के पीडब्लूडी कार्यालय के इंजीनियर साहब विधायक व कलेक्टर कोरिया से बडे है वह अधिकारियों के आदेशों का पालन नही करते, अपने विभाग के अधिकारी तक की बात नही मानते बिते मंगलवार को पीडब्लूडी के अधिकारी ने कहा था की जो भवन निर्माण छिन्डांड व कचहरीपारा मे हो रहा है वहां की ईंट खराब है लेकिन सुत्रों की मानें तो ठेकेदार से सांठगांठ होने के कारण इंजीनियर साहब अपने उच्य अधिकारी की बात को भी महत्व नही दे रहे है। वही छिन्ददांड व कचहरीपारा मे जो भवन निर्माण हो रहि उसमे दर्जनों नाबालिग बच्चों से काम करवाया जा रहा है। कचहरीपारा व छिन्ददांड मे सरकार के द्वारा बनाऐ जा रहे भवन में लगभग दर्जनों नाबालिग बच्चे काम कर रहे हैं। वहीं जिम्मेदार अधिकारी से लेकर कार्य स्थल पर काम कराने वाले कर्मचारियों द्वारा इनकी अनदेखी की जा रही है। वैसे तो बाल श्रम कराना कानूनन अपराध है। लेकिन यहां न तो काम कराने वालों को इसका डर है और न ही करने वालों को। कुछ लोगों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया की ठेकेदार रायपुर का है वहां उसकी पहचान मंत्रियों से है और यहां कै इंजीनियर ठेकेदार के दोस्त है इसलिए भनव निर्माण कार्य मे खराब समान व बाल मजदुरों से कार्यकरा रहे है कलेक्टर कोरिया व संबंधित विभाग के अधिकारी की बात नही सुनी जा रही है।

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