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पंजीयन विभाग में दस डिजिटल क्रांतियां रजिस्ट्री के साथ अब मिलेगा स्वतः नामांतरण घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा भी शुरू

kamrun nisha

पंजीयन विभाग में दस डिजिटल क्रांतियां

रजिस्ट्री के साथ अब मिलेगा स्वतः नामांतरण

घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा भी शुरू

महज 500 रुपए में पारिवारिक दान, हक त्याग जैसे पंजीयन कार्य

कोरिया, मई 2025/
जिले में पंजीयन सेवाओं को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के पंजीयन विभाग ने दस नई डिजिटल सुविधाओं की शुरुआत की है। इन सुधारों से आम नागरिकों को अधिक सरल, सुरक्षित और समयबद्ध सेवाएं मिलेंगी। कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में इन सुधारों की जानकारी दी और अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि पंजीयन विभाग को सेवा गुणवत्ता, पारदर्शिता और डिजिटल सुधारों की दिशा में निरंतर प्रयास करने होंगे। उन्होंने बताया कि अब रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण की सुविधा भी लागू कर दी गई है, जिससे लोगों को लंबी प्रक्रिया और दलालों से छुटकारा मिलेगा।

राजस्व में पंजीयन विभाग की उल्लेखनीय उपलब्धि
वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के पंजीयन विभाग ने लगभग 15 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जो निर्धारित लक्ष्य का 80 प्रतिशत है। इस उपलब्धि पर कलेक्टर ने विभागीय कर्मचारियों की सराहना की।

दस क्रांतिकारी सुधार जो बदलेंगे रजिस्ट्री की तस्वीर
जिला पंजीयक अधिकारी श्री विवेक कुमार सिंह ने कार्यशाला में शासन द्वारा लिए दस महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में राजस्व अधिकारियों को जानकारी दी।

आधार आधारित प्रमाणीकरण से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।

ऑनलाइन सर्च और डाउनलोड की सुविधा होने से खसरा नंबर से दस्तावेज की जांच की जाएगी।

भारमुक्त प्रमाण पत्र से संपत्ति की स्थिति ऑनलाइन जानकारी मिलेगी।

एकीकृत कैशलेस भुगतान से फीस और स्टांप शुल्क एक साथ होगी।

व्हाट्सएप मैसेज सेवा से रीयल टाइम अपडेट की जानकारी मिलेगी।

डिजी लॉकर के माध्यम से दस्तावेजों का डिजिटल भंडारण की सुविधा होगी।

ऑटो डीड जनरेशन से दस्तावेजों का स्वचालित निर्माण होगा।

डिजी डॉक्यूमेंट सेवा से शपथ पत्र और अनुबंध ऑनलाइन होगी।

घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा मिलेगी, ऑनलाइन साक्षात्कार और पंजीयन होगा।

अब यह भी निर्णय लिया गया है कि रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण और नाम दर्ज होगा।

इसके अलावा सरकार ने नागरिकों को राहत देते हुए पारिवारिक दान, हक त्याग जैसे पंजीयन शुल्क 0.8 प्रतिशत से घटाकर मात्र 500 रुपए शुल्क की गई है।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन सभी सुविधाओं का अधिकतम प्रचार-प्रसार हो ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग लाभान्वित हो सकें। साथ ही, विभाग को नई तकनीकों से अद्यतन रखने और जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला में अपर कलेक्टर श्री अरुण कुमार मरकाम, श्री डी.डी. मंडावी, बैकुण्ठपुर एसडीएम श्रीमती दीपिका नेताम, सोनहत एसडीएम श्री राकेश साहू, जिला उप पंजीयक श्री अनुराग भगत सहित राजस्व विभाग एवं पंजीयक कार्यालय के अधिकारी उपस्थित थे।

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