पटना नगर पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच पर उठा सवाल – जांच टीम पहुंची तो सीएमओ गायब, जनता बेहाल
kamrun nisha.

पटना नगर पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच पर उठा सवाल – जांच टीम पहुंची तो सीएमओ गायब, जनता बेहाल जांच टीम से बोला गया कि पीएचची नगर पालिका अधिकारी सिकंदर सिदार गए हैं लेकिन जब जांच टीम अधिकारी ने कॉल किया तो पता चला कि नहीं आए हैं
पटना/कोरिया।
नगर पंचायत पटना की अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार की शिकायतों से तंग आकर जनता अब आवाज बुलंद करने लगी है। लगातार कोरिया दर्पण के माध्यम से नगर पंचायत में हो रहे निर्माण कार्यों में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की खबरें प्रकाशित की जाती रही हैं, लेकिन कार्यवाही ठंडे बस्ते में पड़ी रही। हालात यह हैं कि वार्ड नंबर 1 से लेकर वार्ड नंबर 15 तक के लोग परेशान हैं। गंदगी, पानी, नाली, सड़क और प्रकाश व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं का हाल बेहाल है। नगर पंचायत प्रशासन पर जनता की सुनवाई न करने का आरोप लंबे समय से लगता आ रहा है।
इसी बीच एक शिकायत पर कलेक्टर कोरिया के आदेश के बाद जांच टीम नगर पंचायत पटना पहुंची। लेकिन जैसे ही जांच टीम ने कार्यालय में दस्तक दी, मुख्य नगरपालिका अधिकारी सिकंदर सिंदार कार्यालय से गायब हो गए। लोगों का कहना है कि सीएमओ साहब मनमौजी ढंग से काम करते हैं, न तो उनके आने-जाने का कोई निश्चित समय है और न ही आम नागरिकों की समस्या सुनने का कोई तरीका। जब भी जनता मिलने आती है तो कोई न कोई बहाना बना दिया जाता है।
जनता परेशान, पार्षद भी बेबस
नगर पंचायत पटना की स्थिति यह है कि चाहे सत्तारूढ़ पार्टी भारतीय जनता पार्टी के पार्षद हों या कांग्रेस के, या फिर निर्दलीय जनप्रतिनिधि – सभी कार्यपालिक अधिकारी की मनमानी से तंग आ चुके हैं। पार्षदों का कहना है कि वे जनता के बीच समस्याओं को सुनते हैं, लेकिन जब उसे नगर पंचायत में ले जाकर उठाते हैं तो अधिकारी नजरअंदाज कर देते हैं। यही कारण है कि वार्डों में जनता की समस्या जस की तस बनी रहती है।
एक पार्षद ने बताया कि “नगर पंचायत में सफाई और नाली की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आए दिन मच्छर, बदबू और गंदगी से लोग बीमार पड़ रहे हैं। लेकिन अधिकारी न तो समय पर बैठते हैं और न ही किसी समस्या का निराकरण करते हैं।”
जांच टीम के सामने हुआ पर्दाफाश
कलेक्टर के आदेश के बाद आई जांच टीम को यह देख कर आश्चर्य हुआ कि जिस अधिकारी पर शिकायतें हैं, वह मौके पर मौजूद ही नहीं था। कार्यालय के कर्मचारियों ने टीम को अलग-अलग बहाने बताकर टालने की कोशिश की। लेकिन जनता की भीड़ वहां जमा हो गई और उन्होंने अधिकारियों के सामने खुलकर शिकायतें रखीं। लोगों ने बताया कि महीनों से नाली की सफाई नहीं हुई है, सड़क निर्माण आधा-अधूरा है, और जो काम हुए हैं उनमें भी घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।
कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि जब वे अपनी समस्या लेकर कार्यालय जाते हैं तो सीएमओ साहब “बाद में आना” या “अभी मीटिंग है” कहकर टाल देते हैं। कभी-कभी तो पूरा दिन कार्यालय में बैठते ही नहीं।
कार्रवाई की मांग तेज
जांच टीम के दौरे के बाद क्षेत्र में एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या वाकई नगर पंचायत के भ्रष्टाचार और लापरवाही पर कार्यवाही होगी, या फिर मामला दबा दिया जाएगा। जनता का कहना है कि यदि अब भी प्रशासन कड़ी कार्रवाई नहीं करता तो आने वाले समय में वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
जनता की यही मांग है कि नगर पंचायत पटना में पारदर्शिता लाने के लिए सीएमओ के कामकाज की पूरी जांच हो, अब तक हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
निष्कर्ष
नगर पंचायत पटना की स्थिति दिनोंदिन बिगड़ती जा रही है। जनता गंदगी, अव्यवस्था और भ्रष्टाचार से त्रस्त है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कार्यालय से ही गायब रहते हैं। कलेक्टर के आदेश पर आई जांच टीम को भी जिस तरह से सीएमओ का सामना नहीं हुआ, उससे लोगों की शंका और गहरी हो गई है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वाकई जनता की आवाज को सुना जाएगा या फिर शिकायतों और समाचारों की तरह यह मामला भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
👉 अब सवाल यह है कि नगर पंचायत पटना की जनता की बेबसी कब खत्म होगी और क्या प्रशासन ईमानदारी से कार्रवाई करेगा? नगर पालिका मुख्य अधिकारी सिकंदर सिंदार से भारतीय जनता पार्टी के पार्षद कांग्रेस के पर्षद 15 वार्ड के जनता भी बहुत परेशान है किसी के सुनते ही नहीं है??? जांच टीम उनके ऑफिस में बैठी रही घंटो लेकिन पटना सीएमओ नहीं आए,???

