नगरपालिका बैकुंठपुर के द्वारा श्रमिक राहगीरों के लिए व्यवस्था के नाम पर एक टैंकर पानी धूप में खोलता हुआ रखा गया है नगरपालिका बैकुंठपुर की स्थिति ₹10 की बिस्किट रखने की हैसियत नहीं है

जिला कोरिया बैकुंठपुर मुख्यालय मुक्तिधाम के सामने नगरपालिका बैकुंठपुर के द्वारा शहर से आने जाने वाले श्रमिकों राहगीरों के लिए नाश्ता एवं पानी की व्यवस्था के लिए जो आरंभ किया जा रहा है वास्तव में इसकी आवश्यकता एक महीने पहले हो जानी थी जब श्रमिक भूखे प्यासे पैदल यात्रा कर रहे थे मगर आक्रोश उस समय शासन या प्रशासन को इस ओर ध्यान नहीं गया लाक डांउन का चौथा चरण चल रहा है
जिला कोरिया बैकुंठपुर में मुक्तिधाम के सामने नगर पालिका बैकुंठपुर के द्वारा टेंट लगवाया गया व्यवस्था के नाम पर एक टैंकर पानी एक छोटी सी प्लास्टिक की पीने की टंकी रखी गई है जो लोग भूखे प्यासे यात्रा कर रहे हैं उनके साथ खिलवाड़ किया जा रहा है व्यवस्था के नाम पर खाली पानी रखा गया है नगर पालिका बैकुंठपुर के स्थिति इतनी दयनीय है की जहां पर ठहरने की व्यवस्था की गई है वहां पांच ₹10 की बिस्किट रखने की हैसियत नहीं है। भूखा प्यासा इंसान कब तक इंतजार करेगा कि उसे नाश्ता की जरूरत है वह तो इंतजार करते करते ही खत्म हो जाएगा इंतजाम जैसे देखा जा रहा है कि लोग भूख प्यास से खत्म हो जा रहे हैं लाक डांउन से इंसान मरे या ना मरे
लेकिन भूख से और खाने और नाश्ते की इंतजार में जरूर खत्म हो जाएगे । शहर में आने जाने वाले राहगीरों के जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है नगरपालिका बैकुंठपुर के द्वारा नाम के लिए टेंट लगाया गया है जो पानी टंकी रखा गया है वह धूप से खाैल रहा है व्यवस्था के नाम पर धूप में रखा हुआ खौलता पानी नगर पालिका के द्वारा इंतजाम किया गया है।
