राज्य स्तरीय हड़ताल में शामिल हुए जिले के 339 स्वास्थ्य कर्मियों में से 4 को अब तक नहीं दी बहाली
कमरुन निशा
छत्तीसगढ़/ जिला कोरिया/ बैकुण्ठपुर। अपने हक के लिए न्याय मांगने वालों की अगुवाई करने वालों को किस तरह से प्रताड़ित ाकिया जाता है इसका उदाहरण कोरिया जिले के स्वास्थ्य महकमे में नजर आ रहा है । जहां पर गत महीने प्रदेश के साथ जिले भर के 339 एन एच एम स्वास्थ्य कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे । इसके उपरांत प्रदेश स्तर पर सरकार से समझौते के बाद सभी कर्मियों को प्रदेश सरकार के आदेश पर स्वास्थ्य महकमे में वापस काम पर विधिवत तौर पर ले लिया गया। किंतु कोरिया जिला इस समय राज्य के स्वास्थ्य मत्री के अदेशो को भी ठेंगा दिखाता नजर आ रहा है। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामेश्वर शर्मा द्वारा जिले के बेहद ही महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करने वाले 4 एनएचएम कर्मियों को अब तक वापस आधिकारिक तौर पर कार्य पर में नहीं रखा गया है । जबकि उनसे लगातार कार्य लिया जा रहा है।

इस संबंध में 2 दिन पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने पहले तो 29 कर्मियों के वापसी को रोक रखा था इसके उपरांत उन 29 कर्मियों में से 25 को तो काम पर ले लिया गया किंतु 4 का पेच अभी भी फंसाया हुआ है। इस संबंध में जब हमने जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रमेश्वर शर्मा से बात की तो उनका कहना था कि कलेक्टर साहब ने 29 में से 25 लोगों को बहाल कर दिया है किंतु वे इसका जवाब नहीं दे सके कि 4 लोगों की बहाली कब तक होगी एवं क्यों अटकी हुई है । इस बात का जवाब देने के बजाय बार-बार पूछने पर साहब फोन डिस्कनेक्ट कर देते हैं। जबकि महकमे के जानने वालों के साथ-साथ जिले भर में चर्चा साफ है कि सीएमएचओ साहब को जिन कर्मियों से व्यक्तिगत तौर पर पूर्व से खुन्नस रही है उन्हें इस इस मौके का लाभ उठाकर वापस काम पर लेने मैं विभिन्न तरीकों से रोढे अटकाये जा रहे है।
नहीं माने तो प्रदेश स्तर पर पुनः होगा आंदोलन
इस संबंध में एनएचएम के प्रांतीय अध्यक्ष हेमंत सिन्हा ने साफ तौर पर कहा कि 2 दिन पूर्व ही मैं कोरिया जिले में मौजूद था जहां पर मेरे साथ सरगुजा संभाग के संघ के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान संघ ने कोरिया कलेक्टर के साथ-साथ मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी के समक्ष भी इस पूरे मसले को उठाया । इसके उपरांत दोनों ने ही हमें आश्वस्त किया था कि हम 2 दिन के भीतर सारे एनएचएम कर्मियों को वापस बाहाल कर देंगे । किंतु यह बेहद निंदनीय है कि 29 में से 25 लोगों को तो कार्य पर ले लिया गया किंतु 4 लोगों को बिना स्पष्ट कारण के कार्य पर लौटने का अधिकृत पत्र अभी तक नहीं दिया गया है । इस दौरान मैं आज रायपुर में स्वास्थ्य मंत्री एवं एनएचएम के अपने विभाग के अधिकारियों से मुलाकात करूंगा। इसके बावजूद भी यदि 4 कर्मियों को बहाल नहीं किया गया तो इसके बाद सरकार से हमारा समझौता रद्द माना जाएगा और पूरे प्रदेश में वापिस एक बार फिर एनएचएम कर्मी हड़ताल पर जाने को विवश होंगे । इसके लिए कोरिया जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

गौरतलब हो कि राज्य स्तर पर एनएचएम कर्मियों के हड़ताल के बाद राज्य शासन एवं हड़ताली कर्मचारी संघ के द्वारा मांगों को लेकर रास्ता निकालते हुए राज्य शासन के द्वारा समझौता होने पर सभी एनएचएम कर्मी काम पर लौट गए और शासन ने भी स्पष्ट तौर पर सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया था कि वह अपने-अपने जिलों में हड़ताल पर गए सभी एनएचएम कर्मियों को बिना सर्त कार्य में वापस ले । इसके उपरांत भी कोरिया जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा तमाम तरह के टालमटोल व बहाने बनाकर 4 कर्मियों की बहाली ना करना एक ओर जहां राज्य शासन के निर्देशों का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन तो है ही दूसरी ओर वे अपनी व्यक्तिगत खुन्नस के तौर पर इसका इस्तेमाल यदि कर रहे हैं तो वे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं खेद जनक कहा जा सकता है।
4 लोगो से अपत्ति क्यो, साहब के नही जवाब
गौरतलब हो कि कोरिया जिले के 339 एनएचएम कर्मी राज्य स्तरीय हड़ताल में शामिल रहे । इस दौरान सरकार से हुए समझौते के बाद जिले के स्वास्थ्य महकमे एवं कलेक्टर के द्वारा 314 एनएचएम कर्मियों को पुनः लिखित तौर पर कार्य में बाहाल कर दिया गया। किंतु 29 लोगों को अअकाये रखा गया। इसके उपरांत एक पखवाड़े बाद जब एनएचएम स्वास्थ्य कर्मियों के संघ के अधिकारियों ने कोरिया जिले मुख्यालय में हो हल्ला मचाया तो इस दौरान राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के आदेश पर 25 कर्मचारियों को वापस ले लिया गया जबकि 4 को अभी भी अकारण रोक रखा है। जिसका जवाब साहब के पास नही है।
संसदीय सचिव ने भी सप्ताह भर पूर्व लिखा था पत्र
बैकुन्ठपुर विधायक एवं संसदीय सचिव अंबिका सिंह देव के द्वारा सप्ताह भर पूर्व 20 अक्टूबर को कोरिया कलेक्टर को लिखे पत्र में उन्होंने कलेक्टर से कहा था कि अनिश्चितकालीन हड़ताल के उपरांत सभी एनएचएम कर्मचारियों को कार्य में लेने हेतु प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों का बिंदुवार पालन किया जाए । इस दौरान उन्होंने बर्खास्त एनएचएम कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को तत्काल पूर्ण करने को भी कहा था । हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई को शून्य करने के राज्य शासन के निर्देश का भी उल्लेख पत्र में करते हुए स्पष्ट कहा था कि जिले के सभी एनएचएम बर्खास्त कर्मियों की बर्खास्तगी को निरस्त करते हुए उन्हें उनके पद पर उपस्थिति तत्काल दी जाए।
इन्हे अब तक नही दी गई बाहाली
डॉ प्रिंस जायसवाल – (डिस्ट्रिक्ट आरएमएनसीएच कन्सलटेंट)
डॉ अभय जुगल तिर्की – (एपिडेमियोलॉजिस्ट)
अंकित ताम्रकार – (हॉस्पिटल कन्सल्टेंट)
राम कुमार – मलेरिया डिपार्टमेंट(डाटा एंट्री आपरेटर)

