मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर अमल शुरू 21 एकड़ क्षेत्रफल में राज्य के पहले प्रदर्शन वन प्रक्षेत्र का जिले के प्रभारी मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू के हाथों होगा शुभारंभ, ग्राम पंचायत आनी में औषधीय पौधों की मातृवाटिका, फलोद्यान के साथ बन रहा वन प्रदर्शन क्षेत्र
kamrun nisha

कोरिया 03 जुलाई 2021/ कोरिया जिले के मुख्यालय बैकुण्ठपुर के समीप स्थित ग्राम पंचायत आनी की आने वाले समय में अपनी एक अलग पहचान बनेगी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप एवं राज्य शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत लोगों को इस योजना के प्रावधान और फायदों की जानकारी देने तथा उनकी जिज्ञासाओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिला मुख्यालय के निकट प्रदर्शन-वन विकसित किया जा रहा है। जिले के प्रभारी मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू राज्य के पहले प्रदर्शन-वन प्रक्षेत्र विकसित करने के कार्य का शुभारंभ 4 जुलाई को करेंगे। ग्राम पंचायत आनी के कुल 26 एकड़ क्षेत्र में गौठान चारागाह के अतिरिक्त 21 एकड़ क्षेत्रफल को प्रदर्शन-वन प्रक्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मुख्य सचिव को सभी जिला मुख्यालयों के आसपास कम से कम 10 एकड़ की शासकीय भूमि चिन्हांकित कर प्रदर्शन-वन विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदर्शन-वन प्रक्षेत्र विकसित करने जिला प्रशासन की ये रहेगी कार्ययोजना –
ग्राम पंचायत आनी में 21 एकड़ भूमि को वन प्रदर्शन प्रक्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें फलदार पौधों की वाटिका के साथ इमारती और अन्य प्रजातियों के वृक्षों के रोपण से विस्तारित वन क्षेत्र तैयार किया जा रहा है। साथ ही इसमें 20 हजार से ज्यादा की संख्या में औषधीय महत्व के पौधों का रोपण अंतवर्तीय तरीके से किया जायेगा। इसके साथ ही यहां नरवा गरूवा घुरूवा बारी के समेकित विकास के साथ एक नई पहल की जा रही है। नरवा के विकास के साथ गौठान एवं चारागाह से जहां स्थानीय पशुओं के लिए आश्रय स्थल बनाया जा रहा है।
इस संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए कलेक्टर श्री श्याम धावडे ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री बघेल की मंशानुरूप जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना का बेहतर क्रियान्वयन हो सके, इसके लिए एक मानक प्रक्षेत्र और मातृवाटिका बनाई जा रही है। विभिन्न विभागीय योजनाओं के अभिसरण से ग्राम पंचायत आनी के एक बड़े क्षेत्रफल को वन प्रदर्शन प्रक्षेत्र का स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। कलेक्टर ने बताया कि यह अपने आप में अलग तरह का प्रयास है जिससे जिले को एक अलग पहचान मिलेगी। प्रदर्शन वन क्षेत्र में वन में मिलने वाले सभी प्रजाति के पौधों को तैयार करने की योजना है। यहां प्रदेश में मिलने वाली कुल 43 विभिन्न प्रजातियेां के पौधों का रोपण होगा। इनमें मुख्य रूप से सागौन, शीशम, साल, बीजा, तिन्सा, बरगद, पीपल, (करम) हल्दू जैसे सभी प्रजातियों को लगाया जाएगा। साथ ही एक बड़े क्षेत्रफल में इमारती लकड़ी देने वाले सभी प्रजातियों के पौधों का रोपण कर वाटिका तैयार की जाएगी। साथ ही यहां पशुओं के आश्रय स्थल के साथ ही चारागाह का विकास किया जा रहा है। इसके लिए 5 एकड़ भूमि आरक्षित की गई है। इसके साथ ही 10 एकड़ में फलोद्यान तैयार किया जा रहा है। इस फलोद्यान में अच्छी उपज देने वाले आम, नींबू, कटहल, सीताफल, जामुन, लीची, अमरूद आदि पौधों का क्षेत्रवार रोपण किया जाएगा। उन्नत फलोद्यान के साथ ही लगभग 20 अलग अलग तरह के औषधीय महत्व के पौधों की मातृवाटिका तैयार की जा रही है। इस औषधीय पौधों की इस मातृवाटिका में वन अजवाइन, शतावर, वनतुलसी, जंगली प्याज, जंगली लहसुन, पत्थरचटा, पत्थरचूर्ण, स्टीविया, एलोवेरा जैसे विभिन्न खूबियों वाले लगभग 20 अलग अलग तरह के पौधों की वाटिका तैयार की जा रही है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार अगले आने वाले प्रत्येक वर्ष में 1 लाख से ज्यादा औषधीय पौधे इस मातृवाटिका से प्राप्त होंगे। आने वाले समय में यह प्रदर्शन वन क्षेत्र अपने आप में अलग आकर्षण और गौठान ग्राम के ग्रामीणों के लिए आय का स्रोत बनकर उभरेगा।

