ब्रशहुड, बोल्डर चेक, गेबियन स्ट्रक्चर, कंटूर ट्रेंच जैसी नरवा विकास की संरचनाओं से 302 नदी नालों में हुआ जलसंरक्षण’ ’नरवा विकास के काम से मनरेगा श्रमिकों को अपने गांव में मिले रोजगार के अवसर

kamrun nisha


’अब तक 4 लाख 20 हजार 761 से ज्यादा मानव दिवस का रोजगार सृजन’

सफलता की कहानी)

कोरिया 16 सितम्बर 2021/राज्य षासन की महत्वाकांक्षी सुराजी ग्राम योजना के तहत कोरिया जिले में नरवा विकास के लिए चरणबद्ध तरीके से जलसरंक्षण और जल स्रोत संवर्धन का कार्य कराया जा रहा है। कोरिया जिले में महात्मा गांधी नरेगा के तहत अब तक 302 नालों को चिंहाकित कर उनके उपचार संबंधी जलसंरक्षण और संवर्धन के लिए प्राथमिक स्तर पर ब्रशहुड, बोल्डर चेक, गेबियन स्ट्रक्चर, अर्दन चेक डेम, डाइक, कंटूर ट्रेंच जैसी विभिन्न तरह की कुल 8258 छोटी-बड़ी संरचनाओं का निर्माण महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत किया जा चुका है।
कोरिया जिले में बीते दो वर्षों के दौरान प्रथम चरण में 45 नरवा के विकास के लिए तथा दूसरे फेज में वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान 629 नरवा के डीपीआर तैयार कर छोटे-छोटे नदी नालों को इस नरवा विकास कार्यक्रम के तहत चयनित किया गया है। तकनीकी अधिकारियों द्वारा उन्नत तरीके का उपयोग करते हुए इनके जल संरक्षण क्षेत्रफल का माप, कार्यस्थल के लिए उपयुक्त जगह का चयन, जल की उपलब्धता, बहाव की स्थिति, सूखने का समय आदि का अध्ययन किया। इसके बाद इन नालों को बारहमासी जल का स्रोत बनाए जाने के लिए तथा मिटटी के कटाव, बहाव को धीरे करने व अनावश्यक अपरदन को रोकने के लिए किए जाने वाले आवश्यक उपचार और संरचनाओं के निर्माण का कार्य प्रस्ताव डीपीआर के माध्यम से बनाकर दिया। जिसके आधार पर इन जल स्रोतों के उपचार और संवर्धन का कार्य नरवा डीपीआर के माध्यम से किया जा रहा है।
कोरिया जिले में विभिन्न संरचनाओं के माध्यम से महात्मा गांधी नरेगा की मदद से अब तक प्रथम चरण के 1852 से ज्यादा कार्य 45 नालों में कराए जा चुके हैं। इसमें मनरेगा योजना के तहत अब तक 3 करोड़ 97 लाख रूपए खर्च किए गए हैं। वहीं दूसरे चरण में चयनित 629 नालों के विकास के लिए बनाए गए 174 डीपीआर के आधार पर जलस्रोतों का उन्नयन कार्य कराया जा रहा है। इनमें से 102 डीपीआर के अंतर्गत 280 नरवा के विकास कार्य वन विभाग के माध्यम से तथा राजस्व क्षेत्र में आने वाले भू-भाग पर 72 डीपीआर के माध्यम से 349 नरवा विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से कराया जा रहा है। अब तक इस कार्य में 897 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। वर्तमान में नरवा विकास के दूसरे चरण के कुल 3 हज़ार 743 कार्य पूर्ण कराए गए हैं और 2 हज़ार 663 कार्य प्रगतिरत हैं।
महात्मा गांधी नरेगा की मूलभावना रोजगार सृजन में भी नरवा विकास के इन कार्याे से काफी गति आई है। पंजीकृत श्रमिकों ने अपने ही गांव में रोजगार के अवसर पाते हुए अब तक 4 लाख 20 हजार 761 से ज्यादा मानव दिवस का रोजगार सृजन किया है। कोरिया जिले में नरवा विकास के कार्याे के तहत 72 हजार 520 हेक्टेयर भूमि को जलसंरक्षण के उद्देश्य से उपचारित किया जाना है ताकि जल के स्रोतों का संरक्षण और संवर्धन हो सके। जिसमें से अब तक नरवा विकास के तहत जिले भर में कुल 35513 हेक्टेयर भूमि को जलसंरक्षण के मानकों के अनुरूप प्राथमिक स्तर पर उपचारित कर लिया गया है।

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