मांग पूरी नहीं होने पर सहकारी समिति कर्मचारी हड़ताल मे जा सकते है
kamrun nisha

छत्तीसगढ़ प्रदेश सहकारी कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रभाकर सिंह के नेतृत्व में कर्मचारी संघ का एक पदाधिकारी मंडल आज रायपुर में जाकर समिति में कार्यरत समस्त कर्मचारियों के नियमितीकरण एवं धान खरीदी कार्य एवं धान खरीदी नीति में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ के मंत्रिमंडल के मुख्य पदों पर आसीन माननीय मंत्री महोदय से मुलाकात कर अपना मांग पत्र सौंपा एवं प्रदेश में सहकारी समिति में कार्यरत कर्मचारियों के समस्याओं से अवगत कराया,
आपको बता दें कि विगत कई वर्षों से छत्तीसगढ़ के सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारियों को महत्व न देते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सहकारी समितियों में व्यापम के द्वारा विज्ञापन निकालकर लिखित परीक्षा के माध्यम से समितियों में रिक्त पड़े पदों की भर्ती हेतु फैसला लिया गया है जिसका विरोध छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकारी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रभाकर सिंह के नेतृत्व में सहकारी समिति कर्मचारी संघ का प्रतिनिधिमंडल श्री टी एस सिंह देव स्वास्थ्य एवं पंचायत मंत्री, मोहम्मद अकबर परिवहन आवास वन एवं खाद आपूर्ति निगम, रविंद्र चौबे कृषि मंत्री, सहकारिता मंत्री प्रेमसाय जी पंजीयक महोदय सहकारिता विभाग छत्तीसगढ़, श्री सत्यनारायण शर्मा विधायक रायपुर ग्रामीण, श्री बैजनाथ चंद्राकर अपेक्स बैंक छत्तीसगढ़, श्री रामदेव राम अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक सरगुजा संभाग, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष रायपुर संभाग, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष रायपुर एवं बिलासपुर संभाग, एवं अन्य कद्दावर नेताओं से मुलाकात कर अपनी प्रमुख मांगों एवं समस्याओं से अवगत कराया जिस पर तत्काल निराकरण हेतु आश्वासन दिया गया। मांग नहीं पूरी होने पर इस पर करेंगे हड़ताल

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शासन की सबसे महत्वपूर्ण योजना है जिसका संपूर्ण इमानदारी से संचालन एवं क्रियान्वयन सहकारी समितियों द्वारा की जाती है किंतु प्रशासनिक उदासीनता के कारण अन्न की बर्बादी एवं उसकी भरपाई सहकारी समितियों से करने जैसी हिटलर शाही नीतियों का विरोध इस बार पुरजोर तरीके से विरोध नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में किया जा रहा है धान खरीदी नीति में संशोधन होना अत्यंत आवश्यक है जिससे समितियों को डूबने से बचाया जा सके और आगे भी छत्तीसगढ़ के समस्त कृषकों का दाना दाना खरीदा जा सके एवं शासन के मंशा अनुरूप समस्त कृषकों को खुशहाल बनाया जा सके इसके लिए वर्ष 2021 22 धान खरीदी नीति में संशोधन होना अत्यंत आवश्यक है जिस के लिए छत्तीसगढ़ शासन को अनुरोध पत्र दिया जा चुका है इस पर शासन द्वारा किस प्रकार अमल किया जाता है यह देखने योग्य होगा।।

