कलेक्टर के प्रयास से 70 से बढ़कर 120 उपस्वास्थ्य केंद्रों में शुरू हुई संस्थागत प्रसव सुविधा, आनंदपुर, गोल्हाघाट, टेंगनी, मुर्किल, सिरौली, अकलासरई जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंची प्रसव सुविधा
kamrun nisha

कलेक्टर श्री धावड़े ने 4 माह में ही आनंदपुर-गोयनी जैसे दुर्गम और देवसिल, हरचौका जैसे सुदूर क्षेत्रों में स्वयं पहुंचकर देखी स्वास्थ्य व्यवस्था
जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधार और विस्तार के लिए अब तक 1.30 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि स्वीकृत, स्वास्थ्य अमले को पूरी सजगता और संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश
कोरिया 28 अक्टूबर 2021/ कलेक्टर श्याम धावड़े ने जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार को सर्वाेच्च प्राथमिकता में रखते हुए स्वास्थ्य अमले को पूरी सजगता और संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिये हैं। संस्थागत प्रसव की सुविधा के मद्देनजर सुदूर वनांचलो तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए उन्होंने स्वयं भरतपुर विकासखण्ड जैसे दूरस्थ क्षेत्र से लेकर आनंदपुर-गोयनी, देवसिल, हरचौका तक का दौरा प्रशासनिक टीम के साथ किया है और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। अब तक कलेक्टर श्री धावड़े लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपये से ज्यादा की राशि स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए स्वीकृत कर चुके हैं। जिसमें आनंदपुर और पटमा जैसे सुदूर क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण, दूरस्थ क्षेत्रों में उप स्वास्थ्य केंद्रों में संस्थागत प्रसव शुरू करने के लिए आवश्यक उपकरण और सामग्री, कोविड की तीसरी लहर से बचाव के लिए ज़रूरी उपकरण, दवाइयां, ऑक्सिजन प्लांट जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
कलेक्टर धावड़े के प्रयास से केवल 4 माह में 70 से बढ़कर 120 उपस्वास्थ्य केंद्रों में शुरू संस्थागत प्रसव की सुविधा, दुर्गम क्षेत्रों में पहुंची प्रसव की सुविधा
जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए कलेक्टर धावड़े के संवेदनशील प्रयासों का परिणाम है कि जिले में 70 से बढ़कर 120 उप स्वास्थ्य केंद्रों में संस्थागत प्रसव की सुविधा मिलने लगी है। कलेक्टर द्वारा लगातार स्वास्थ्य अमले के साथ बैठक कर स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक सुविधाओं और सामग्री की जानकारी ली गयी, जिसके आधार पर आंकलन कर मानव संसाधन और ज़रूरी सामग्री उपलब्ध कराई गई।
आनंदपुर, अमरपुर, गोल्हाघाट, झरनापारा, टेंगनी, बरदर, मुर्किल, सांवला, मोरगा, सिरौली, पेण्ड्री, सिंघोर, पहाड़हंसवाही, महई, कोथारी, घुटरा, पूटा, बंजी, अकलासरई, पाराडोल, कुशमहा सहित कुल 47 दूरस्थ स्वास्थ्य केन्द्रों में संस्थागत प्रसव की सुविधा मिलने लगी है।
कलेक्टर धावड़े ने स्वास्थ्य अमले को शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव माता एवं शिशु के लिए सबसे सुरक्षित है। संस्थागत प्रसव के परिणामस्वरूप शिशु और मातृ मृत्यु दर को कम किया जा सकता है, वहीं माता और शिशु के समग्र स्वास्थ्य की स्थिति में वृद्धि भी की जा सकती है। हाई रिस्क प्रेगनेंसी में संस्थागत प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों को जरूरी चिकित्सीय सुविधा समय पर मिल जाती है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधार और विस्तार के लिए अब तक लगभग 1.30 करोड़ रुपये स्वीकृत


