सूर्य देव और छठी मइया के पूजन से होता है मानव जगत का कल्याण – देवेन्द्र तिवारी छठ पर्व पर चरचा पहुँचे भाजपा जिला उपाध्यक्ष
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जिला कोरिया छठ पूजा में सूर्य देव और छठी मैया की पूजा विधि विधान से की जाती है। छठ पूजा का प्रारंभ कब से हुआ, सूर्य की आराधना कब से प्रारंभ हुई, इसके बारे में पौराणिक कथाओं में बताया गया है। सतयुग में भगवान श्रीराम, द्वापर में दानवीर कर्ण और पांच पांडवों की पत्नी द्रौपदी ने सूर्य की उपासना की थी। छठी मैया की पूजा से जुड़ी एक कथा राजा प्रियवंद की है, जिन्होंने सबसे पहले छठी मैया की पूजा की थी।
जिले के विभिन्न स्थानों पर छठ पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है।बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश के लोगों के अलावा अब स्थानीय लोगों में भी छठ पर्व मनाने की परंपरा शुरू हो चुकी है।

श्री तिवारी ने छठ पर्व की महिमा का बखान करते हुए कहा कि हमारी माताएं एवं बहनें समाज एवं परिवार के कल्याण के लिए कठिन व्रत का पालन करती हैं। ढलते सूर्य एवं उगते सूर्य के पूजन की यह परंपरा अत्यंत महान है।यह पूरे विश्व को अनुपम संदेश प्रदान करती है। हिन्दू समाज अपनी इन्हीं संकल्पों, व्रतों की शक्ति से सृष्टि में आध्यात्मिक मूल्यों की रक्षा करता है। एक सूत्र में पिरो कर हम परस्पर सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ते हैं।
बैकुंठपुर के श्री राम मंदिर, गढेलपारा, रामपुर के साथ साथ चरचा, पटना, पाण्डवपारा, कटकोना सहित कई स्थानों में छठ पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है।

