अभिव्यक्ति के माध्यम से कोरिया में साहित्य सेवा कई नए प्रतिमान गढ़ेगी – डा सुनीता मिश्रा हिंदी साहित्य भारती महामंत्री की उपस्थिति में काव्यगोष्ठी एवं परिचर्चा में जुटे साहित्यकार.
kamrun nisha

बैकुण्ठपुर / कोरिया जिला मुख्यालय में जिस तरह से साहित्य की गतिविधियों को नया प्रतिसाद मिल रहा है उससे यह लगता है कि अभिव्यक्ति संस्था आने वाले समय में साहित्य की सेवा में कई नए प्रतिमान गढ़ेगी। मुझे आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि यहां नये साहित्यकारों की उर्जा और वरिष्ठ साहित्याकारों का मार्गदर्शन आने वाले समय में एक नई इबारत लिखेगा। उक्ताशय के विचार हिंदी साहित्य भारती संस्थान की प्रदेश महामंत्री डा सुनीता मिश्रा ने जिला मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यह अप्रत्याशित रूप से सफल आयोजन अपने आप में यह बताने के लिए पूर्ण है कि कोरिया में साहित्य सेवा की दिशा में अभूतपूर्व कार्य हो रहा है और अभिव्यक्ति संस्था का योगदान अत्यंत महती भूमिका निभा रहा है।
विदित हो कि गुरूवार की शाम जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर के चिल्ड्रन पार्क में नवगठित साहित्यिक सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए गठित संस्था अभिव्यक्ति के द्वारा काव्यगोष्ठी सह परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बिलासपुर से पधारी ख्यातिलब्ध साहित्यकार, शिक्षाविद, उद्घोषिका डा सुनीता मिश्रा का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। इस अवसर पर उन्होने अपने हिंदी साहित्य भारती संस्थान के बारे में विस्तार से जानकारी दी और अपने संगठन के विस्तार पर भी अपनी बात कही। उन्होने आने वाले समय में जिले की अग्रणी साहित्य संस्था अभिव्यक्ति के साथ मिलकर पूरे क्षेत्र में साहित्य सेवा के कार्यों को गति प्रदान करने का आवाहन किया।
जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर में अभिव्यक्ति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में डा सुनीता मिश्रा के आगमन पर पुष्पगुच्छ भेंटकर अभिनंदन किया गया। इसके बाद उपस्थित जिले के वरिष्ठ साहित्यकार वीरेन्द्र श्रीवास्तव, संतोष जैन लहरी, सतीश उपाध्याय,पत्रकार चरणजीत सिंह ने अपने विचार व्यक्त किए और साहित्य क्षेत्र में कोरिया की गतिविधियों और उपलब्धियों पर चर्चा हुई। इसके पश्चात अभिव्यक्ति के नए रचनाकारों का काव्यपाठ प्रारंभ हुआ। जिसमें सुश्री अलीषा शेख, तारा पांडेय मुक्तांशा, शारदा प्रसाद गुप्ता विद्रूप, शिक्षक शंकर प्रसाद पांडे, ग्राम पंचायत घाघरा के उभरते कवि कृष्णदत्त मौर्य, ताहिर आजिमी, चिरमिरी के साहित्य सेवक संदीप सिंह गौड बादल सहित अन्य रचनाकारों की काव्य प्रस्तुतियां हुईं। नए रचनाकारों के काव्यपाठ के बाद वीरेन्द्र श्रीवास्तव, संतोष जैन लहरी, राजकुमार शर्मा, सतीष उपाध्याय ने भी अपनी रचनाओ का सस्वर पाठ कर पूरे आयोजन को गरिमा प्रदान की। दैनिक सम्यक क्रांति अखबार के प्रबंध निदेशक एस.के.रूप ने अपने गीत की प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध किया। इसके बाद जिला मुख्यालय में रामानुज महाविद्यालय में पदस्थ एम.सी.हिमधर ने एक श्रृंगार कविता का पाठ किया। विलक्षण प्रतिभा के धनी श्री योगेश गुप्ता ने होली के असल मायनों पर लिखी अपनी शानदार कविता सुनाई। इस अवसर पर रूद्र मिश्रा ने भी बदल गई है दुनियादारी हो गए है हम सब व्यापारी कविता पढ़कर वर्तमान जीवन में प्रत्येक रिश्ते पर हावी होती आर्थिक प्रतिद्वंदिता पर कटाक्ष किया। कार्यक्रम में उपस्थित डा सुनीता मिश्रा के शानदार काव्य पाठ से इस काव्यगोष्ठी का आयोजन पूर्ण हुआ। काव्यगोष्ठी व परिचर्चा के बाद अभिव्यक्ति संस्थान के संरक्षक राजेन्द्र सिंह ने डा सुनीता मिश्रा की उपस्थिती के लिए आभार व्यक्त करते हुए अभिव्यक्ति के आगामी आयोजनों एवं भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के अंत में डा सुनीता मिश्रा को दुशाला ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संस्थान की ओर से राजेन्द्र सिंह, अलीशा और रूद्र मिश्रा ने उन्हे स्मृति चिन्ह, स्थानीय लेखकों नेसार नाज की हांफता हुआ शोर और बलदाउ गोस्वामी की कविता संग्रह की प्रतियां भी भेंट की गई। इस आयोजन को सफल बनाने में
योगेश गुप्ता,रूद्र नारायण मिश्र , राजेंद्र सिंह दद्दा,तारा पाण्डेय मुक्तांशा, अलीशा शेख, एम सी हिमधर,सतीश उपाध्याय, बीरेंद्र श्रीवास्तव, राजकुमार शर्मा,गौरव अग्रवाल, शारदा गुप्ता विद्रूप,संतोष जैन, संदीप गौड़ बादल, सुनील शर्मा, कृष्णदत्त मौर्य, चरणजीत सिंह सलूजा,एस पी पांडेय,ताहिर आजमी एवम एस. के.”रूप”का विशेष योगदान रहा।

