मानदेय व भत्ता बढ़ाने के साथ”चेतना” योजना को फिर से लागू करने हेतु सदन में रखने की मांग की…पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाड़े के साथ महिला पुलिस स्वयंसेविकाओं ने डॉ रमन सिंह से की मुलाक़ात….

kamrun nisha

छत्तीसगढ़ जिला कोरिया बैकुंठपुर सरडी,के पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाड़े के साथ महिला पुलिस स्वयंसेविकाओं ने डॉ रमन सिंह से की मुलाक़ात…

मानदेय व भत्ता बढ़ाने के साथ”चेतना” योजना को फिर से लागू करने हेतु सदन में रखने की मांग की…

बैकुंठपुर। पूर्व केबिनेट मंत्री भैयालाल राजवाड़े ने सोमवार को रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से मुलाकात की। इस दौरान कोरिया जिले के महिला पुलिस स्वयंसेविका के प्रतिनिधि मण्डल भी उनके साथ था। प्रतिनिधि मंडल ने डॉ रमनसिंह को ज्ञापन सौंप कर वार्ड महिला के देय भत्ता और पुलिस महिला स्वयं सेविका योजना “चेतना” को फिर से लागू करने हेतु विधानसभा के पटल पर रखने का आग्रह किया। साथ ही मानदेय व भत्ता भी बढ़ाये जाने की मांग की।
उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती सरकार ने केंद्र की सहायता से पायलट प्रोजेक्ट के तहत कोरिया व दुर्ग में महिला पुलिस स्वयं सेविका “चेतना” योजना की शुरुआत हुई थी। महिला उत्पीड़न की घटनाओं की रोकथाम के लिए तत्कालीन भाजपा की राज्य सरकार ने महिलाओं को संगठित करने का निर्णय लिया था। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने गृह विभाग के सहयोग से महिला पुलिस स्वयं सेविका योजना ’चेतना’ बनाई थी। स्वयं सेविका के रूप में काम करने की इच्छुक महिलाएं 21 वर्ष से अधिक और उनकी शैक्षणिक योग्यता हायर सेकेंडरी निर्धारित की गई थी। चयन होने पर उन्हें मोबाइल परिवहन व्यय आदि के लिए एक हजार रुपए मासिक मानदेय भी दिया जा रहा था। तात्कालिन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दुर्ग में आयोजित समारोह में इस योजना का प्रारंभ किया था। पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में दुर्ग और कोरिया बैकुण्ठपुर जिलों में इसकी शुरूआत हुई थी। किंतु कालांतर में इस महती व महिलाओं को स्वावलंबी बनाने तथा भयमुक्त वातावरण देने वाली इस योजना को बंद कर दिया गया था।

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