अघोषित बिजली कटौती बिजली दरों में वृद्धि से जनता त्रस्त बिजली कटौती बंद एवं बिजली दरों को तत्काल न्यूनतम करने की मांग करते हुए सौपा ज्ञापन.

kamrun nisha।

अघोषित बिजली कटौती बिजली दरों में वृद्धि से जनता त्रस्त

बिजली कटौती बंद एवं बिजली दरों को तत्काल न्यूनतम करने की मांग करते हुए सौपा ज्ञापन

बैकुंठपुर कोरिया। बढ़ी हुई बिजली दरों एवं अघोषित विद्युत कटौती के खिलाफ बैकुंठपुर जिला मुख्यालय बिजली ऑफिस के सामने कांग्रेसियों ने किया धरना प्रदर्शन किए गए में भाजपा सरकार द्वारा बढ़ाए गए विद्युत दर को वापस लिए जाने व प्रदेश में हो रही अघोषित विद्युत कटौती को बंद कर प्रदेश की आम जनता सहित किसान भाइयों को राहत पहुचाये जाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा एवम समस्त कांग्रेसियों का कहना था कि बिजली कटौती बंद करने एवं बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल न्यूनतम दर किया जाए अगर भाजपा सरकार भाजपा सरकार बिजली दरों को कम नहीं करती है तो उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे और इसकी समस्त जवाबदेही सरकार की होगी। विष्णुदेवसाय सरकार आम जनों को हर तरफ से परेशान करने की नीयत से कार्य कर रहा है भाजपा का यह दोहरा चरित्र स्पष्ट है

छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही बिजली के दामों में बढ़ोतरी जनता के ऊपर अत्याचार है। भाजपा सरकार पर हमला करते हुए कहा एक तरफ जहां भाजपा सरकार के नुमाइंदे सुशासन की दुहाई देते नहीं थक रहे वहीं बिजली दरों की बढ़ोतरी कर आम जनता पर आर्थिक बोझ डालना और प्रतिदिन अवैध अघोषित बिजली कटौती पर अंकुश ना लग पाना छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार की सफलता का प्रतीक है।

CSDPCL घाटे में चल रही है, और छत्तीसगढ़ की जनता की बिजली की परेशानियों का यही कारण है – चाहे वो अनियमित समय के लिए पावर कट हो या अनुचित बिजली दर। मार्च, 2023 से दिसंबर, 2023 के बीच जो कंपनी हमारे प्रबंधन में मुनाफे पर बिजली दे पा रही थी, वही कंपनी भाजपा की कुव्यवस्था में आज घाटे में चल रही है। कांग्रेस की सरकार में बिजली की खरीद दर ₹4.30 से घट कर ₹3.80 आ गई थी। अब घाटे के कारण बिजली की खरीद दर बढ़ गई है, जिसका बोझ सीधा आम जनता के ऊपर डाल दिया गया है। जनता की सहूलियत के लिए, हम 400 यूनिट तक बिजली खपत पर बिल आधा करने की योजना लाए थे, आज उन्हीं उपभोक्ताओं को इस सरकार की मनमर्जी के कारण 80 से 100 रुपए का ज़्यादा बिल आएगा। भाजपा सरकार ने महंगाई के इस दौर में बिजली की मार से जनता के बजट की कमर तोड़ दी है।
बिजली के दाम बढ़ने से घरेलू के साथ उद्योगों और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को महंगी बिजली खरीदने को विवश होना पड़ रहा है और ऐसे में उद्योगों को महंगी बिजली मिलेगा तो उनके उत्पादों के महंगा होना स्वाभाविक है आम जनता को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी भाजपा सरकार बनते ही महंगाई बढ़ गया है। छत्तीसगढ़ में सरप्लस बिजली उत्पादक राज्य है लेकिन विगत 5 माह से बिजली कटौती का केंद्र बन चुका है। बिजली दर में 8 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी को राज्य सरकार को वापस लेना चाहिए। प्रदेश की जनता महंगाई से पीड़ित है इस दशा में बिजली के दर में बढ़ोतरी करना महंगाई से जख्मी जनता के जख्मों पर नमक छिड़कना है।

धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में मौजूद :- पूर्व जिला अध्यक्ष नजीर अजहर, वरिष्ठ कांग्रेसी मुख्तार अहमद, महामंत्री बृजवासी तिवारी, अशोक जायसवाल, ब्लॉक अध्यक्ष अजय सिंह, रामसजीला यादव, काजू सिंह, अजीत लकड़ा, शैलेन्द्र सिंह, चंद्र प्रकाश राजवाड़े, बिहारी राजवाड़े, हेमसगर यादव, अन्नपूर्णा सिंह, ऊषा सिंह, ,‌‌ विनोद शर्मा सुरेंद्र तिवारी, रामकृष्ण साहू, गणेश राजवाड़े, यूसुफ इराकी, विकाश श्रीवास्तव,गणेश जायसवाल, हीरालाल साहू, संतोष गोयन, विजय, संजय, मोनू मांझी, विपुल शुक्ला, अशर्द इरफान, एवम अन्य कोंग्रेसजन मौजूद रहे।

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