समाज के सशक्तीकरण के लिए साक्षरता अनिवार्य: अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर विविध आयोजन

kamrun nisha


कोरिया, : अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर आज जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में साक्षरता सप्ताह के समापन पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने भाग लिया और साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस वर्ष की थीम ‘बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देना: आपसी समझ और शांति के लिए साक्षरता’ पर चर्चा करते हुए डॉ. चतुर्वेदी ने कहा, “आज के दौर में बहुभाषी होना एक महत्वपूर्ण कौशल है, जो न केवल व्यक्तिगत उन्नति बल्कि सामाजिक समृद्धि के लिए भी जरूरी है।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि समाज के हर नागरिक को साक्षर बनाना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है, क्योंकि साक्षरता से ही समाज की सशक्त नींव रखी जा सकती है।

कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि साक्षरता किसी भी देश के विकास और उसकी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण आधार है।

क्यों मनाते हैं साक्षरता दिवस
साक्षरता क्या है? साक्षरता शब्द साक्षर से बना है, जिसका अर्थ पढ़ने और लिखने में सक्षम है। दुनिया के सभी देश हर वर्ग के अपने नागरिकों तक शिक्षा के प्रचार प्रसार के उद्देश्य से साक्षरता दिवस मनाते हैं।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता, जिला परियोजना अधिकारी के.के. गुप्ता, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक, और अन्य अधिकारियों के साथ-साथ विभागीय कर्मचारियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में साक्षरता के महत्व को बढ़ावा देना और शिक्षा के माध्यम से समृद्धि की ओर अग्रसर होना था।

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