जिले में बैंकिंग सेवाओं का दायरा बढ़ा 25 साल में 10 से बढ़कर 37 शाखाएं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंची बैंक सेवाएं डिजिटल व्यवस्था से लेन-देन में आई तेजी

kanrun nisha

डिजिटल व्यवस्था से लेन-देन में आई तेजी

कोरिया, नवंबर 2025/
करीब ढाई दशक पूर्व जहां जिले के कस्बों में केवल 10 बैंक शाखाएँ संचालित थीं, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 37 हो गई है। सरकारी, निजी तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की पहुंच दूरस्थ गांवों तक होने से आम लोगों में बचत और ऋण लेने की समझ में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

डिजिटल बैंकिंग का प्रसार होने से लेन-देन में पहले की तुलना में काफी सरलता आई है। एटीएम, यूपीआई, मोबाइल ऐप और इंटरनेट बैंकिंग जैसी सुविधाओं से अब अधिकांश वित्तीय कार्य गाँवों में बैठे-बैठे ही संभव हो रहे हैं। जनधन योजना के लागू होने के बाद जिले में खाता स्वामित्व तेजी से बढ़ा है।

पहले जहां सीमित लोगों के पास ही बैंक खाते होते थे, वहीं अब लगभग सभी के पास खाते हैं, जन धन खाता धारक की संख्या ही 1 लाख 45 हजार से अधिक हैं। इससे वित्तीय समावेशन को गति मिली है। सरकारी लाभ वितरण की प्रक्रिया भी अब अधिक पारदर्शी और तेज हो गई है। पहले योजनाओं का भुगतान नकद किया जाता था, जबकि अब लाभार्थियों को आधार- लिंक्ड खातों के माध्यम से डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए राशि प्राप्त हो रही है।

कृषि व छोटे व्यवसायों के लिए ऋण उपलब्ध होना भी अब पहले की तुलना में आसान हुआ है। केसीसी, मुद्रा, एसएचजी और एमएसएमई ऋण योजनाओं के चलते लोगों की साहूकारों पर निर्भरता कम हुई है और सस्ते ब्याज दरों पर बैंक से ऋण लेना संभव हुआ है। महिला स्व- सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ने से महिला सशक्तिकरण को भी नई दिशा मिली है।

जिले के सोनहत ब्लॉक के कटगोड़ी तथा रामगढ़ जैसे दूरस्थ ग्रामों में बैंक शाखा खुलने से ग्रामीणों को काफी मदद मिली है। जिले में ग्रामीण बैंक, सेंट्रल बैंक तथा भारतीय स्टेट बैंक की सबसे अधिक शाखाएँ हैं।

इसके अलावा 9 सरकारी बैंकों की 17 शाखा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की 12 शाखा, निजी बैंकों की 5, अपेक्स बैंको की 2 तथा स्मॉल फाइनेंस बैंक की एक शाखा हैं तथा 49 एटीएम हैं। जिले में 313 बैंकिंग टच पाइंट हैं, जिसके अंतर्गत ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) 190 संचालित हैं, जो गांवों के दरवाजे पर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।

जिले में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया हैं। इसी तरह निजी बैंकों एक्सिस बैंक, बंधन बैंक, एचडीएफसी बैंक आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक हैं। सहकारी तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के अंतर्गत अपेक्स सहकारी बैंक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक व एक स्मॉल फाइनेंस बैंक ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक की शाखा हैं।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत जिले में अब-तक प्रधानमंत्री जनधन योजना से करीब 1 लाख 45 हजार खाते, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से 1 लाख 85 हजार लाभार्थी, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से 91 हजार सदस्य और अटल पेंशन योजना से 13 हजार खातेदार हैं।

पंजीकृत बैंकिंग नेटवर्क के इस विस्तार और डिजिटल सुविधाओं के प्रसार ने जिले में वित्तीय पारदर्शिता, बचत संस्कृति और आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती प्रदान की है।

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