कोरिया महोत्सव में लोक संस्कृति की महक बिखरी कोरियावासियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से प्रतिभाओं का बढ़ाया हौसला

kamrun nisha.

कोरिया महोत्सव में लोक संस्कृति की महक बिखरी

कोरियावासियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से प्रतिभाओं का बढ़ाया हौसला

कोरिया, फरवरी 2026/ तीन दिवसीय कोरिया महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोमवार को शासकीय रामानुज आदर्श हायरसेकेंडरी स्कूल के मिनी स्टेडियम में किया था। मंगलवार की संध्या सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम रही, जहां लोक संस्कृति और परंपरा की सोंधी महक ने पूरे वातावरण को सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध पंथी नृत्य से हुई, जिसमें सतनाम की घोष के साथ कलाकारों ने आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। इसके पश्चात स्थानीय दलों द्वारा प्रस्तुत शैला नृत्य ने मंच पर जीवंतता बिखेरी और दर्शकों से भरपूर वाहवाही प्राप्त की।
शास्त्रीय प्रस्तुतियों में कथक नृत्यांगना सुश्री आशना दिल्लीवार (रायपुर) ने अपनी मनमोहक भाव-भंगिमाओं और पद संचालन से खूब तालियां बटोरीं। वहीं ओड़िसी नृत्य में सुश्री आंचल पाण्डेय (बिलासपुर) ने लय और ताल के अद्भुत समन्वय से दर्शकों का दिल जीत लिया।

पूरे कार्यक्रम के दौरान दर्शकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति और तालियों की गड़गड़ाहट ने कलाकारों का हौसला बढ़ाया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं जिलेवासी उपस्थित रहे।
कोरिया महोत्सव के दूसरे दिन की यह सांस्कृतिक संध्या लोक परंपराओं, शास्त्रीय सौंदर्य और सामूहिक उत्साह का सुंदर संगम बनकर यादगार रही।

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