अभिसरण से बदली आंगनबाड़ी की तस्वीर, चिरगुड़ा में नौनिहालों को मिला सुरक्षित और सुविधायुक्त केंद्र पोषण, स्वास्थ्य, सुरक्षा और प्राथमिक शिक्षा की कड़ियां जोड़ रहा नया आंगनबाड़ी भवन
kamrun nisha.

अभिसरण से बदली आंगनबाड़ी की तस्वीर, चिरगुड़ा में नौनिहालों को मिला सुरक्षित और सुविधायुक्त केंद्र
पोषण, स्वास्थ्य, सुरक्षा और प्राथमिक शिक्षा की कड़ियां जोड़ रहा नया आंगनबाड़ी भवन
कोरिया, / ग्राम पंचायत चिरगुड़ा का मुख्य आंगनबाड़ी केंद्र अब नौनिहालों की प्राथमिक शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य के साथ सामुदायिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। योजनाओं के अभिसरण से निर्मित नए और सुव्यवस्थित भवन ने बच्चों एवं महिलाओं के लिए सुरक्षित, सुविधायुक्त और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया है। कभी जर्जर भवन के कारण जहां बच्चों की उपस्थिति प्रभावित हो रही थी, वहीं अब केंद्र में दर्ज सभी बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित हो रही है।
जर्जर भवन बना बड़ी चुनौती, बच्चों की उपस्थिति हुई प्रभावित
ग्राम पंचायत चिरगुड़ा का पुराना आंगनबाड़ी भवन जर्जर स्थिति में पहुंच चुका था। भवन की स्थिति के कारण बच्चों की सुरक्षा, पढ़ाई, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के संचालन में अनेक कठिनाइयां सामने आ रही थीं। सुविधाओं के अभाव में धीरे-धीरे पालकों ने भी अपने बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र भेजना कम कर दिया था। इसका सीधा असर बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और पोषण के साथ गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ रहा था।
अभिसरण से निकला समाधान, 11.69 लाख रुपए से तैयार हुआ भवन
समस्या के स्थायी समाधान के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का अभिसरण किया गया। साथ ही जिला खनिज न्यास निधि से भी आवश्यक राशि उपलब्ध कराई गई। कार्य में स्थानीय समुदाय की भागीदारी और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत चिरगुड़ा को निर्माण एजेंसी बनाया गया।
निर्माण के लिए मनरेगा से 8 लाख रुपए, जिला खनिज न्यास निधि से 1 लाख 69 हजार रुपए तथा सक्षम आंगनबाड़ी पोषण केंद्र 2.0 योजना के तहत 2 लाख रुपए, इस प्रकार कुल 11 लाख 69 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई। इससे बच्चों के खेलकूद, शिक्षा, भोजन एवं पोषण व्यवस्था के साथ सुरक्षित एवं स्वास्थ्य हितकर शौचालय सहित व्यवस्थित भवन का निर्माण किया गया।
अब हर सुबह आंगनबाड़ी की ओर बढ़ते हैं नौनिहालों के कदम
नए भवन के निर्माण के बाद आंगनबाड़ी केंद्र की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। केंद्र में आने वाले बच्चों में उत्साह और खुशी दिखाई देती है। बच्चे स्वस्फूर्त रूप से आंगनबाड़ी केंद्र पहुंच रहे हैं और यहां दर्ज सभी बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित हुई है। केंद्र में आने वाले बच्चे सुपोषण की श्रेणी में हैं।
आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से दर्जनभर महिलाओं को भी नियमित पोषण एवं देखभाल संबंधी सेवाओं का लाभ मिल रहा है। गर्भवती महिलाओं श्रीमती लीलावती, श्रीमती काजल, श्रीमती सविता, श्रीमती निशा सहित अन्य महिलाओं ने बताया कि नए भवन में उन्हें स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सुविधाएं अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से मिल रही हैं।
चिरगुड़ा का यह आंगनबाड़ी केंद्र यह दर्शाता है कि विभिन्न विभागों की योजनाओं का प्रभावी अभिसरण कर स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को गति दी जा सकती है। नया भवन बच्चों की प्राथमिक शिक्षा और पोषण का केंद्र बनने के साथ गर्भवती एवं शिशुवती माताओं की देखभाल, स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं के लिए भी उपयोगी साबित हो रहा है। इस तरह आंगनबाड़ी केंद्र अब गांव में पोषण, स्वास्थ्य, सुरक्षा और प्रारंभिक शिक्षा की कड़ियों को जोड़ते हुए सामुदायिक विकास का सशक्त माध्यम बन गया है।

