स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर तालमेल और घर-घर पहुंच पर जोर
kamrun nisha

कलेक्टर ने मितानिनों, मास्टर ट्रेनर्स, सुपरवाइजर्स एवं आरएचओ की बैठक लेकर की स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा
स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर तालमेल और घर-घर पहुंच पर जोर
कलेक्टर ने मितानिनों, मास्टर ट्रेनर्स, सुपरवाइजर्स एवं आरएचओ की बैठक लेकर की स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा
कोरिया, 02 सितंबर 2026। कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने बुधवार को तहसील पोंडीबचरा स्थित आदिवासी भवन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ब्लॉक स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में मितानिनों, मितानिन मास्टर ट्रेनर्स, सुपरवाइजर्स, ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारियों एवं आरएचओ के साथ विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और क्षेत्र में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय और नियमित संवाद की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए मितानिन, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करना होगा।
घर-घर नियमित पहुंच और संपर्क सुनिश्चित करने के निर्देश
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने मितानिनों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को अपने क्षेत्र के प्रत्येक गांव और परिवार से नियमित संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब मैदानी कर्मचारी लोगों तक पहुंचकर उनकी स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी लें और जरूरतमंद व्यक्तियों का नियमित फॉलोअप करें।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी एवं स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारी आपसी समन्वय से घर-घर संपर्क एवं नियमित भ्रमण सुनिश्चित करें।
गर्भवती महिलाओं की नियमित देखभाल और दवाइयों के लिए करें प्रेरित
कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला की समय पर पहचान और पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं से नियमित संपर्क रखें तथा उन्हें समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने और चिकित्सकों द्वारा निर्धारित आयरन, फोलिक एसिड एवं अन्य आवश्यक दवाइयों के नियमित सेवन के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि केवल पंजीयन कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक गर्भवती महिला की स्वास्थ्य स्थिति की नियमित निगरानी और फॉलोअप भी उतना ही आवश्यक है। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
एक माह में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश
बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति, प्रथम तिमाही में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, उच्च जोखिम गर्भावस्था, कम वजन के नवजात बच्चों तथा अन्य स्वास्थ्य संकेतकों की समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी अपने निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करते हुए एक माह के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में केवल आंकड़ों और ऑनलाइन एंट्री पर निर्भर रहने के बजाय जमीनी स्तर पर वास्तविक परिणाम दिखाई देने चाहिए।
आयुष्मान कार्ड निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र हितग्राहियों के शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के लिए अभियान चलाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र परिवार स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय-सीमा में अपेक्षित प्रगति नहीं होने अथवा कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जमीनी स्थिति, विभिन्न स्तरों पर समन्वय तथा नियमित फॉलोअप को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर एक दिन पूर्व जन्मे नवजात बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र भी वितरित किया गया।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. अशरफ अंसारी, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनित बाखला, प्रभारी विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक प्रकाश जाधव सहित सेक्टर इंचार्ज, सुपरवाइजर्स, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर्स, मितानिन ट्रेनर्स, मितानिनों एवं विकासखंड के सभी आरएचओ उपस्थित रहे।

